प्रवीन कुमार पीना दूसरी बार बने नगर निगम के कार्यकारी मेयर

नीतिका भल्ला को हटाए जाने के बाद उन्हें पहली बार बनाया था
सत्येन ओझा, द बीट्स न्यूज
नगर निगम के दूसरे कार्यकाल में चौथी बार मेयर बदले गए हैं, आम आदमी पार्टी के मेयर बलजीत सिंह चानी को गंभीर अपराध में संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए उनसे मेयर पद से पार्टी ने इस्तीफा ले लिया था। उन्हें मेयर पद से हटाए जाने के बाद दूसरी बार सीनियर डिप्टी मेयर प्रवीन कुमार पीना को नगर निगम का कार्यकारी मेयर बनाया गया है।
साल 2015 में बने मोगा नगर निगम के दूसरे हाउस के लिए पहली महिला मेयर के रूप में 37 साल की नीतिका भल्ला भारी बहुमत से मेयर बनीं थीं। उन्होंने अकाली दल की प्रत्याशी हरविंदर कौर को 15 के मुकाबले 37 वोटों से 13 मई 2021 को पराजित किया था। नीतिका भल्ला को सिर्फ कांग्रेस एवं आजाद प्रत्याशियों के वोट ही नहीं मिले थे बल्कि आम आदमी पार्टी के वोट भी मिले थे। बाद में साल 2021 में राज्य में कांग्रेस की सरकार बदल गई और आम आदमी पार्टी की सरकार राज्य की सत्ता में आ गई थी, इसके बाद पार्षद गौरव गुड्डू ने आम आदमी पार्टी के नेताओं की शह पर कांग्रेस की नीतिका भल्ला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था उन्होंने नीतिका भल्ला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें इस पद से हटाने में मुख्य भूमिका निभाई थी वे खुद मेयर पद के दावेदार थे लेकिन गौरव गुड्डू के साथ वही हुआ जो उन्होंने तत्कालीन मेयर नीतिका भल्ला के साथ किया था, उन्होंने नीतिका भल्ला को मेयर पद से हटाने में तो अहम भूमिका निभाई थी,लेकिन इसके साथ ही उनके भी मेयर बनने के सपने चकनाचूर हो गए थे।तब सीनियर डिप्टी मेयर के रूप में नगर निगम में तीसरी बार निर्वाचित हुए ब्राह्मण नेता प्रवीन कुमार पीना को कार्यकारी। मेयर बनाया गया था। बाद में 21 अगस्त 2023 को मेयर के चुनाव में बलजीत सिंह चानी मेयर पद पर निर्वाचित हुए थे
प्रवीन कुमार पीना को मेयर बनने के बाद हालांकि उनके पास सिर्फ अगले साल अप्रैल महीने तक का कार्यकाल बचा है, इस दौरान उन पर ज्यादा कुछ करने की उम्मीद तो नहीं की जा सकती है लेकिन इतना तय है कि नगर निगम के कामकाज को लेकर जिस तरह से उंगली उठ रही थी बहुत ही घटिया क्वालिटी के कामकाज को लेकर निगम पर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे उन पर जरूर विराम लग सकता है। खुद मेहमे वाले रोड पर सीनियर डिप्टी मेयर के रूप में प्रवीन कुमार पीना ने घटिया क्वालिटी के निर्माण सामग्री निगम के अधिकारियों को सौंप कर जांच के आदेश दिए थे। लेकिन तब अधिकारियों ने सीनियर डिप्टी मेयर के आग्रह को ठुकराकर ठेकेदार को पेमेंट किया था।आरोप था कि सीमेंट की जगह मिट्टी का उपयोग किया जा रहा था।
हाल ही में पुराने दशहरा ग्राउंड रोड पर जिस घटिया सामग्री के साथ सड़क बनी थी जिस कारण रात को बनी सड़क सुबह ही नगर निगम को समेटनी पड़ी थी हैरानी की बात है कि आज तक उस मामले में किसी भी ठेकेदार या निगम के अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है, प्रवीन कुमार पीना की छवि ईमानदार नेता की होने के कारण ऐसे मामलों पर फिलहाल रोक लग सकती है जिससे आम आदमी पार्टी की छवि सुधर सकती है।
मेयर का पदभार ग्रहण करने के दौरान खुद विधायक डॉ अमनदीप कौर अरोड़ा ने भी उम्मीद जताई है कि प्रवीन कुमार पीना बेहतर काम करेंगे। मेयर प्रवीन को पदभार दिलाने के बाद उन्होंने भी वादा किया है कि वे विधायक डॉक्टर अमनदीप कौर अरोड़ा की उम्मीद पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
पद की गरिमा को बहाल करना बड़ी चुनौती
कार्यकारी मेयर बने प्रवीन कुमार पीना के लिए मेयरपद की प्रतिष्ठा और गौरव को बहाल करना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी। मेयर शहर के प्रथम नागरिक होते हैं, प्रोटोकॉल में उन्हें पंजाब सरकार के स्टेट मंत्री का दर्ज होता है। अगर महानगर में राष्ट्रपति भी आएं तो किसी भी वीआईपी की अगवानी का पहला अधिकार मेयर का होता है। बलजीत सिंह चानी के कार्यकाल में मेयर पद की गरिमा को बड़ी ठेस पहुंची थी। मंत्री के बराबर बैठना तो दूर विधायकों के भी बराबर में एक साइड में बैठा करते थे। या कई बार तो विधायक के पीछे खड़े होते थे यह बलजीत सिंह चानी की नहीं बल्कि मेयर पद की गरिमा के खिलाफ था।
द बीट्स न्यूज नेटवर्क
7087570105


