YouTube

Events

प्रभजोत कौर के सिर सजा मिस तीज का ताज

एस.डी. कॉलेज फॉर वीमेन में तीज उत्सव की धूम मिस ट्रेडीशनल ड्रेस का खिताब मनजिंदर के नाम द बीट्स मोगा मोगा। एसडी. कॉलेज फॉर वीमेन के पोस्ट ग्रेजुएट पंजाबी विभाग की ओर से पंजाबी संस्कृति और विरासत से जुड़े तीज के त्योहार को उत्साह और उल्लास के साथ…

Continue Reading

Lifestyle

फाल्टा विधानसभा पुनः मतदान: टीएमसी के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव से नाम वापस लिया

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में मतदान से पहले ही एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने आखिरी प्रचार…

ईरान का पड़ोसी खाड़ी देशों को अल्टीमेटम, अमेरिका का साथ देने से बचें वरना…

मिडिल-ईस्ट में तनाव अब चरम पर है। डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनियों के बाद अब ईरान ने भी आक्रामक रुख अपना लिया है। ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों को साफ…

Continue Reading

Recant Post

चावल के नाम पर ‘जहर’ परोसने का आरोप, राइस मिलर्स की आवाज ने एफसीआई की व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल द बीट्स न्यूज संगरूर। क्या सरकारी गोदामों में वर्षों से पड़ा चावल आम आदमी की थाली तक पहुंचकर उसकी सेहत के लिए खतरा बन रहा है? वॉयस ऑफ राइस मिलर्स ने चावल के भंडारण और वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि लंबे समय से गोदामों में पड़े पुराने चावल को सुरक्षित रखने के नाम पर बार-बार कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है, जबकि अपेक्षाकृत नया चावल पहले भेजा जा रहा है। वॉयस ऑफ राइस मिलर्स के संयोजक प्रमोद कुमार मोदी का कहना है कि यदि यह व्यवस्था इसी तरह जारी रही तो मामला सिर्फ सरकारी खाद्यान्न के खराब होने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर गरीब उपभोक्ताओं की सेहत पर पड़ सकता है। मोदी के अनुसार, वैज्ञानिकों की जानकारी के मुताबिक लंबे समय तक चावल का भंडारण करने के दौरान कीट नियंत्रण के लिए बार-बार कीटनाशकों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। उनका दावा है कि इससे चावल की खाद्य गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ लंबे समय तक इसके सेवन को लेकर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा हो सकती हैं। ‘पहले आया, पहले निकले’ नियम लागू करने की मांग वॉयस ऑफ राइस मिलर्स ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ‘पहले आया, पहले निकले’ के सिद्धांत को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की है। प्रमोद कुमार मोदी का आरोप है कि गोदामों में वर्ष 2023-24 का बड़ी मात्रा में चावल अभी भी पड़ा हुआ है, जबकि बाद के वर्षों यानी 2024-25 और 2025-26 का चावल आगे भेजा जा रहा है। उनका कहना है कि यदि पुराना चावल लंबे समय तक गोदामों में पड़ा रहेगा तो उसे सुरक्षित रखने के लिए लगातार कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल करना पड़ सकता है और इससे उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े होंगे। अरबों का चावल खराब होने का दावा, गरीबों की थाली पर असर मोदी ने कहा कि एक तरफ सरकारी गोदामों में अरबों रुपये मूल्य का खाद्यान्न लंबे समय तक पड़े रहने से उसके खराब होने का खतरा है, वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए गरीब परिवारों तक पहुंचने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि पुराने चावल को प्राथमिकता के आधार पर बाहर नहीं निकाला गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उनके मुताबिक इसका आर्थिक नुकसान सरकार को और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम का बोझ गरीब उपभोक्ताओं को उठाना पड़ सकता है। ‘खाद्यान्न की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं’ वॉयस ऑफ राइस मिलर्स के संयोजक प्रमोद कुमार मोदी ने कहा कि संगठन का गठन केवल चावल मिल मालिकों के हितों के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों के हित और स्वस्थ समाज की दिशा में आवाज उठाने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने मांग की कि भारतीय खाद्य निगम को खाद्यान्न के वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए पहले आए पुराने चावल को पहले बाहर निकालने की व्यवस्था लागू करनी चाहिए, ताकि सरकारी खाद्यान्न के नुकसान को कम किया जा सके और उपभोक्ताओं को लेकर उठ रही गुणवत्ता संबंधी चिंताओं का समाधान हो। उन्होंने कहा कि वॉयस ऑफ राइस मिलर्स इस मुद्दे को जनहित की मुहिम के रूप में आगे बढ़ाएगा और चावल की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था तथा वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए आवाज उठाता रहेगा। द बीट्स न्यूज नेटवर्क 7087570105 कैप्शन: वॉयस ऑफ राइस मिलर्स के संयोजक प्रमोद कुमार मोदी चावल के भंडारण और वितरण व्यवस्था को लेकर जानकारी देते हुए।

पंजाब राज्य महाराजा अग्रसेन जन्मोत्सव समारोह की तैयारियां तेज

डीएम कॉलेज का शताब्दी समारोह 9 अक्टूबर को 

मानवता की सेवा का बेमिसाल उदाहरण हैं पदमश्री डॉ.मथुरादास पाहवा

Fashion

महाराष्ट्र : बुलढाणा में एटीएस की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियार तस्करी के तीन आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र: बुलढाणा में ATS की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियार तस्करी के तीन आरोपी गिरफ्तार

बुलढाणा में ATS की बड़ी सफलता, अवैध हथियार तस्करी के तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार बुलढाणा। बुलढाणा जिले में आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण…

Continue Reading
महाराष्ट्र : बुलढाणा में एटीएस की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियार तस्करी के तीन आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र में बुलढाणा में एटीएस की बड़ी कार्रवाई, अवैध हथियार तस्करी के तीन आरोपी गिरफ्तार

बुलढाणा। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिले…

Live Cricket

Advertisement

Local News

चावल के नाम पर ‘जहर’ परोसने का आरोप, राइस मिलर्स की आवाज ने एफसीआई की व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल द बीट्स न्यूज संगरूर। क्या सरकारी गोदामों में वर्षों से पड़ा चावल आम आदमी की थाली तक पहुंचकर उसकी सेहत के लिए खतरा बन रहा है? वॉयस ऑफ राइस मिलर्स ने चावल के भंडारण और वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि लंबे समय से गोदामों में पड़े पुराने चावल को सुरक्षित रखने के नाम पर बार-बार कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है, जबकि अपेक्षाकृत नया चावल पहले भेजा जा रहा है। वॉयस ऑफ राइस मिलर्स के संयोजक प्रमोद कुमार मोदी का कहना है कि यदि यह व्यवस्था इसी तरह जारी रही तो मामला सिर्फ सरकारी खाद्यान्न के खराब होने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर गरीब उपभोक्ताओं की सेहत पर पड़ सकता है। मोदी के अनुसार, वैज्ञानिकों की जानकारी के मुताबिक लंबे समय तक चावल का भंडारण करने के दौरान कीट नियंत्रण के लिए बार-बार कीटनाशकों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। उनका दावा है कि इससे चावल की खाद्य गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ लंबे समय तक इसके सेवन को लेकर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा हो सकती हैं। ‘पहले आया, पहले निकले’ नियम लागू करने की मांग वॉयस ऑफ राइस मिलर्स ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ‘पहले आया, पहले निकले’ के सिद्धांत को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की है। प्रमोद कुमार मोदी का आरोप है कि गोदामों में वर्ष 2023-24 का बड़ी मात्रा में चावल अभी भी पड़ा हुआ है, जबकि बाद के वर्षों यानी 2024-25 और 2025-26 का चावल आगे भेजा जा रहा है। उनका कहना है कि यदि पुराना चावल लंबे समय तक गोदामों में पड़ा रहेगा तो उसे सुरक्षित रखने के लिए लगातार कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल करना पड़ सकता है और इससे उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े होंगे। अरबों का चावल खराब होने का दावा, गरीबों की थाली पर असर मोदी ने कहा कि एक तरफ सरकारी गोदामों में अरबों रुपये मूल्य का खाद्यान्न लंबे समय तक पड़े रहने से उसके खराब होने का खतरा है, वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए गरीब परिवारों तक पहुंचने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि पुराने चावल को प्राथमिकता के आधार पर बाहर नहीं निकाला गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उनके मुताबिक इसका आर्थिक नुकसान सरकार को और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम का बोझ गरीब उपभोक्ताओं को उठाना पड़ सकता है। ‘खाद्यान्न की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं’ वॉयस ऑफ राइस मिलर्स के संयोजक प्रमोद कुमार मोदी ने कहा कि संगठन का गठन केवल चावल मिल मालिकों के हितों के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों के हित और स्वस्थ समाज की दिशा में आवाज उठाने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने मांग की कि भारतीय खाद्य निगम को खाद्यान्न के वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए पहले आए पुराने चावल को पहले बाहर निकालने की व्यवस्था लागू करनी चाहिए, ताकि सरकारी खाद्यान्न के नुकसान को कम किया जा सके और उपभोक्ताओं को लेकर उठ रही गुणवत्ता संबंधी चिंताओं का समाधान हो। उन्होंने कहा कि वॉयस ऑफ राइस मिलर्स इस मुद्दे को जनहित की मुहिम के रूप में आगे बढ़ाएगा और चावल की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था तथा वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए आवाज उठाता रहेगा। द बीट्स न्यूज नेटवर्क 7087570105 कैप्शन: वॉयस ऑफ राइस मिलर्स के संयोजक प्रमोद कुमार मोदी चावल के भंडारण और वितरण व्यवस्था को लेकर जानकारी देते हुए।

पंजाब राज्य महाराजा अग्रसेन जन्मोत्सव समारोह की तैयारियां तेज

National

मोगा में 18 अक्टूबर को होगा राज्य स्तरीय महाराजा अग्रसेन जन्मोत्सव समारोह

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला होंगे मुख्य अतिथि, आमंत्रण स्वीकार किया मोगा इकाई के सदस्य एक दिन पहले लोकसभा अध्यक्ष से मिले थे दिल्ली में द बीट्स न्यूज मोगा। अग्रवाल सभा पंजाब की ओर से इस बार महाराजा अग्रसेन का 5150 वां राज्य स्तरीय जन्मोत्सव समारोह 18 अक्टूबर को…

Continue Reading

Technology

चावल के नाम पर ‘जहर’ परोसने का आरोप, राइस मिलर्स की आवाज ने एफसीआई की व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल द बीट्स न्यूज संगरूर। क्या सरकारी गोदामों में वर्षों से पड़ा चावल आम आदमी की थाली तक पहुंचकर उसकी सेहत के लिए खतरा बन रहा है? वॉयस ऑफ राइस मिलर्स ने चावल के भंडारण और वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि लंबे समय से गोदामों में पड़े पुराने चावल को सुरक्षित रखने के नाम पर बार-बार कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है, जबकि अपेक्षाकृत नया चावल पहले भेजा जा रहा है। वॉयस ऑफ राइस मिलर्स के संयोजक प्रमोद कुमार मोदी का कहना है कि यदि यह व्यवस्था इसी तरह जारी रही तो मामला सिर्फ सरकारी खाद्यान्न के खराब होने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर गरीब उपभोक्ताओं की सेहत पर पड़ सकता है। मोदी के अनुसार, वैज्ञानिकों की जानकारी के मुताबिक लंबे समय तक चावल का भंडारण करने के दौरान कीट नियंत्रण के लिए बार-बार कीटनाशकों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। उनका दावा है कि इससे चावल की खाद्य गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ लंबे समय तक इसके सेवन को लेकर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा हो सकती हैं। ‘पहले आया, पहले निकले’ नियम लागू करने की मांग वॉयस ऑफ राइस मिलर्स ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ‘पहले आया, पहले निकले’ के सिद्धांत को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की है। प्रमोद कुमार मोदी का आरोप है कि गोदामों में वर्ष 2023-24 का बड़ी मात्रा में चावल अभी भी पड़ा हुआ है, जबकि बाद के वर्षों यानी 2024-25 और 2025-26 का चावल आगे भेजा जा रहा है। उनका कहना है कि यदि पुराना चावल लंबे समय तक गोदामों में पड़ा रहेगा तो उसे सुरक्षित रखने के लिए लगातार कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल करना पड़ सकता है और इससे उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े होंगे। अरबों का चावल खराब होने का दावा, गरीबों की थाली पर असर मोदी ने कहा कि एक तरफ सरकारी गोदामों में अरबों रुपये मूल्य का खाद्यान्न लंबे समय तक पड़े रहने से उसके खराब होने का खतरा है, वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए गरीब परिवारों तक पहुंचने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि पुराने चावल को प्राथमिकता के आधार पर बाहर नहीं निकाला गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उनके मुताबिक इसका आर्थिक नुकसान सरकार को और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम का बोझ गरीब उपभोक्ताओं को उठाना पड़ सकता है। ‘खाद्यान्न की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं’ वॉयस ऑफ राइस मिलर्स के संयोजक प्रमोद कुमार मोदी ने कहा कि संगठन का गठन केवल चावल मिल मालिकों के हितों के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों के हित और स्वस्थ समाज की दिशा में आवाज उठाने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने मांग की कि भारतीय खाद्य निगम को खाद्यान्न के वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए पहले आए पुराने चावल को पहले बाहर निकालने की व्यवस्था लागू करनी चाहिए, ताकि सरकारी खाद्यान्न के नुकसान को कम किया जा सके और उपभोक्ताओं को लेकर उठ रही गुणवत्ता संबंधी चिंताओं का समाधान हो। उन्होंने कहा कि वॉयस ऑफ राइस मिलर्स इस मुद्दे को जनहित की मुहिम के रूप में आगे बढ़ाएगा और चावल की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था तथा वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए आवाज उठाता रहेगा। द बीट्स न्यूज नेटवर्क 7087570105 कैप्शन: वॉयस ऑफ राइस मिलर्स के संयोजक प्रमोद कुमार मोदी चावल के भंडारण और वितरण व्यवस्था को लेकर जानकारी देते हुए।

चावल के नाम पर ‘जहर’ परोसने का आरोप, राइस मिलर्स की आवाज ने एफसीआई की व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल द बीट्स न्यूज संगरूर। क्या सरकारी गोदामों में वर्षों से…

Continue Reading

पंजाब राज्य महाराजा अग्रसेन जन्मोत्सव समारोह की तैयारियां तेज

500 सफल कामकाजी महिलाओं का होगा विशेष सम्मान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला होंगे समारोह के मुख्य अतिथि द बीट्स न्यूज मोगा, 15 सितंबर: अग्रवाल समाज के आराध्य महाराजा अग्रसेन जी के राज्य स्तरीय 5150वें जन्मोत्सव समारोह के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शहीदी पार्क में हुई बैठक में कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा तैयार कर जिम्मेदारियां वितरित की गईं।…

Continue Reading

Live YouTube

Entertainment

चावल के नाम पर ‘जहर’ परोसने का आरोप, राइस मिलर्स की आवाज ने एफसीआई की व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल द बीट्स न्यूज संगरूर। क्या सरकारी गोदामों में वर्षों से पड़ा चावल आम आदमी की थाली तक पहुंचकर उसकी सेहत के लिए खतरा बन रहा है? वॉयस ऑफ राइस मिलर्स ने चावल के भंडारण और वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि लंबे समय से गोदामों में पड़े पुराने चावल को सुरक्षित रखने के नाम पर बार-बार कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है, जबकि अपेक्षाकृत नया चावल पहले भेजा जा रहा है। वॉयस ऑफ राइस मिलर्स के संयोजक प्रमोद कुमार मोदी का कहना है कि यदि यह व्यवस्था इसी तरह जारी रही तो मामला सिर्फ सरकारी खाद्यान्न के खराब होने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर गरीब उपभोक्ताओं की सेहत पर पड़ सकता है। मोदी के अनुसार, वैज्ञानिकों की जानकारी के मुताबिक लंबे समय तक चावल का भंडारण करने के दौरान कीट नियंत्रण के लिए बार-बार कीटनाशकों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। उनका दावा है कि इससे चावल की खाद्य गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ लंबे समय तक इसके सेवन को लेकर स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा हो सकती हैं। ‘पहले आया, पहले निकले’ नियम लागू करने की मांग वॉयस ऑफ राइस मिलर्स ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ‘पहले आया, पहले निकले’ के सिद्धांत को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की है। प्रमोद कुमार मोदी का आरोप है कि गोदामों में वर्ष 2023-24 का बड़ी मात्रा में चावल अभी भी पड़ा हुआ है, जबकि बाद के वर्षों यानी 2024-25 और 2025-26 का चावल आगे भेजा जा रहा है। उनका कहना है कि यदि पुराना चावल लंबे समय तक गोदामों में पड़ा रहेगा तो उसे सुरक्षित रखने के लिए लगातार कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल करना पड़ सकता है और इससे उसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े होंगे। अरबों का चावल खराब होने का दावा, गरीबों की थाली पर असर मोदी ने कहा कि एक तरफ सरकारी गोदामों में अरबों रुपये मूल्य का खाद्यान्न लंबे समय तक पड़े रहने से उसके खराब होने का खतरा है, वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए गरीब परिवारों तक पहुंचने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि पुराने चावल को प्राथमिकता के आधार पर बाहर नहीं निकाला गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उनके मुताबिक इसका आर्थिक नुकसान सरकार को और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम का बोझ गरीब उपभोक्ताओं को उठाना पड़ सकता है। ‘खाद्यान्न की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं’ वॉयस ऑफ राइस मिलर्स के संयोजक प्रमोद कुमार मोदी ने कहा कि संगठन का गठन केवल चावल मिल मालिकों के हितों के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों के हित और स्वस्थ समाज की दिशा में आवाज उठाने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने मांग की कि भारतीय खाद्य निगम को खाद्यान्न के वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए पहले आए पुराने चावल को पहले बाहर निकालने की व्यवस्था लागू करनी चाहिए, ताकि सरकारी खाद्यान्न के नुकसान को कम किया जा सके और उपभोक्ताओं को लेकर उठ रही गुणवत्ता संबंधी चिंताओं का समाधान हो। उन्होंने कहा कि वॉयस ऑफ राइस मिलर्स इस मुद्दे को जनहित की मुहिम के रूप में आगे बढ़ाएगा और चावल की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था तथा वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए आवाज उठाता रहेगा। द बीट्स न्यूज नेटवर्क 7087570105 कैप्शन: वॉयस ऑफ राइस मिलर्स के संयोजक प्रमोद कुमार मोदी चावल के भंडारण और वितरण व्यवस्था को लेकर जानकारी देते हुए।

चावल के नाम पर ‘जहर’ परोसने का आरोप, राइस मिलर्स की आवाज ने एफसीआई की व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल द बीट्स न्यूज संगरूर। क्या सरकारी गोदामों में वर्षों से…

Continue Reading

Weather

TV Show

Kutikalude Aadhyatmika Vasantholsavam 2026 | Thottamkara Bhagavathi Kshethram

कुटीकालुडे आध्यात्मिक वसंतोत्सव 2026 | थोट्टमकारा भगवती क्षेेत्रम

थोट्टमकारा भगवती क्षेेत्रम में बच्चों के लिए आयोजित कुटीकालुडे आध्यात्मिक वसंतोत्सव 2026 का भव्य आयोजन इस बार भी एक अद्भुत अनुभव लेकर आया है। यह आयोजन न केवल बच्चों के…

Continue Reading

ईरान का पड़ोसी खाड़ी देशों को अल्टीमेटम, अमेरिका का साथ देने से बचें वरना…

मिडिल-ईस्ट में तनाव अब चरम पर है। डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनियों के बाद अब ईरान ने भी आक्रामक रुख अपना लिया है। ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों को साफ…

Continue Reading