अधिकारियों का दावा, गाड़ी निगम परिसर में ही है, लेकिन दिख किसी को नहीं रही
निगम की चार गाड़ियों पर पहले ही कब्जा कर रखा है अधिकारियों ने, जो नहीं हैं निगम की सेवा में
अधिकारी भोग रहे सुख, जनता के हिस्से में टूटी सड़कें, गलियों में सड़कों पर बहता सीवरेज का पानी
द बीट्स न्यूज
मेयर की सरकारी गाड़ी पहली बन गई है, नगर निगम के अधिकारी कह रहे हैं कि गाड़ी नगर निगम परिसर में ही खड़ी है,लेकिन दिखाई किसी को भी नहीं दे रही है।
ये पहला मौका नहीं है बल्कि अब तक नगर निगम की चार गाड़ियां गायब हो चुकी हैं या सूत्रों की मानें तो जनता की जेब से आने वाले पैसों से चलने वाली नगर निगम का सुख तो अधिकारी भोग रहे हैं, शहरवासियों को तो टूटी सड़कें, बहता सीवरेज, पीने के पानी के साथ आता बदबूदरा पानी ही नसीब हो रहा है, निगम की चार लक्जरी सरकारी गाड़ियां अधिकारियों के पास हैं, वे इनका निजी स्तर पर प्रयोग कर रहे हैं। एक अधिकारी नगर निगम के कमिश्नर बने थे, वे अब प्रशासनिक सेवाओं में हैं लेकिन अभी तक सात साल से ज्यादा समय के बाद भी उन्होंने निगम कमिश्नर वाली सरकारी गाड़ी वापस नहीं की है। हाल ही में मेयर बलजीत सिंह चानी के हटाये जाने के बाद उनके स्थान पर बनाये गये नये कार्यकारी मेयर मेयर प्रवीन कुमार पीना को अभी तक सरकारी गाड़ी नहीं मिली है, वे निजी इनोवा कार का इस्तेमाल कर रहे हैं। निगम के अधिकारियों के पास निगम क्षेत्र में निरीक्षण व अन्य सरकारी कामकाज के लिए गाड़ियां नहीं हैं लेकिन जो अधिकारी निगम की सेवा में नहीं हैं वे निगम की सरकारी गाड़ियों का सुख भोग रहे हैं। नगर निगम हाउस की बैठक में भी निगम की गाड़ियां अधिकारियों से वापस लाने के लिए प्रस्ताव पास हो चुका है लेकिन निगम के अधिकारी हाउस में पास इस प्रस्ताव पर अमल नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वे भी जानते हैं कि सरकारी गाड़ियां वरिष्ठ अधिकारियों के पास हैं, ऐसा करके निगम के वर्तमान अधिकारी हाउस में पास प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल न सिर्फ लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रहे हैं बल्कि जनप्रतिनिधित्व कानून को भी ठेंगा दिखा रहे हैं, हैरानी की बात है कि अभी तक निगम के पार्षद इस अनदेखी पर मौन साधे हुए हैं।
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द बीट्स न्यूज नेटवर्क
7087570104

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