हाईकोर्ट में पंजाब सरकार ने नोटीफिकेशन वापस लेकर दिया जबाव
-अदालत के फैसले के बाद बजट बैठक में आज विपक्ष घेरेगा सत्ता पक्ष को
-नीतिका भल्ला के समय छोड़ी एफडी व वर्तमान में बची एफडी की राशि का हो सकता है खुलासा
द बीट्स न्यूज
मोगा नगर निगम के चुनाव अब पुरानी वार्डबंदी के आधार पर होंगे। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की दो सदस्यीय न्यायाधीशों की बैंच के समक्ष मंगलवार को पहले तो पंजाब सरकार की ओर से इस केस में सुनवाई के लिए एक मौका और देने का आग्रह किया, बाद में पंजाब सरकार ने 31 दिसंबर 2025 के बाद नई वार्डबंदी के संबंध में जारी नोटीफिकेशन वापस लेकर लिखित में अदालत को बताया कि चुनाव पुरानी वार्डबंदी के आधार पर ही कराये जाएंगे।
अदालत का फैसला आने के बाद मोगा की राजनीति में घमासान मच गया है। इस फैसले के बाद नगर निगम के 95 करोड़ के बजट की बैठक में जमकर हंगामा होने के आसार हैं। विपक्षी पार्षद निगम के पास एफडी की कुल उपलब्ध राशि पर नगर निगम को घेरने का प्रयास करेंगे। 95 करोड़ की आय का जो बजट पेश किया जा रहा है, उसमें विपक्षी पार्षद सत्तापक्ष से ये सवाल करेंगे कि आखिरकार ये राशि आएगी कहां से, क्या हैं आमदनी के स्त्रोत?
कांग्रेस व शिरोमणि अकाली दल ने हाईकोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है तो वहीं आम आदमी पार्टी के उन प्रत्याशियों में निराशा का माहौल है जो निगम चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, इनमें से अधिकांश से नई वार्डबंदी के हिसाब से चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी थी। अकाली दल बादल के विधानसभा हलका मोगा के इंचार्ज संजीत सिंह सनी गिल ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि संकेत साफ है कि नगर निगम चुनाव में भी आम आदमी पार्टी की हार तय है। वहीं कांग्रेस के इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन विनोद बंसल ने कहा है कि कांग्रेस पार्षदों साहिल अरोड़ा व डॉ.रीमा सूद सहित 8 पार्षदों की याचिका पर आया ये फैसला फिर से नगर निगम में कांग्रेस की सत्ता को बहाल करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने विकास के नाम पर नगर निगम को सिर्फ लूटा है। मोगा में जिस तरह की सड़कें बन रही हैं, सबसे सामने हैं। नई सड़कें बनते ही टूट रही हैं। कांग्रेस की मेयर नीतिका भल्ला ने निगम में जितनी राशि की एफडी छोड़ी थीं, आज आधी राशि भी निगम में नहीं बची है, आखिरकार ये राशि कहां गई, विकास तो हुआ नहीं, फिर से राशि खर्च कहां हुई। उन्होंने कहा है कि अदालत के फैसले ने साफ कर दिया है कि निगम की सत्ता में फिर से कांग्रेस की वापसी होगी।
याचिकाकर्ता कांग्रेस पार्षद साहिल अरोड़ा ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले को कांग्रेस के पार्षदों व पार्टी नेताओं की जीत बताया है। साथ ही आम आदमी पार्टी को नसीहत भी दे दी है कि अब उसकी मनमानी नहीं चलने वाली है।
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