चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने राज्य के मेधावी और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के विकास और संरक्षण के लिए एक विशेष टैलेंट रिसर्च विंग स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह घोषणा खेल मंत्री आधव अर्जुन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी खिलाड़ियों की मूलभूत आवश्यकताओं को तुरंत और प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए, ताकि उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल सकें और वे अपनी खेल क्षमता का पूरा उपयोग कर सकें।
मंत्री आधव अर्जुन ने बताया कि यह नया टैलेंट रिसर्च विंग खासतौर पर उन खिलाड़ियों की पहचान, उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए बनाया जाएगा, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के लिए आवास, प्रशिक्षण सुविधाएं, वित्तीय सहायता, पोषण संबंधी सलाह और मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होगी।
उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियों की समुचित देखभाल और उनका समर्थन राज्य की खेल नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके लिए सरकार नए सेंटर खोलने के साथ-साथ मौजूदा खेल अकादमियों को भी अपग्रेड करेगी। मंत्री ने अधिकारी वर्ग को निर्देश दिया कि किसी भी खिलाड़ी की जरूरत को नजरअंदाज नहीं किया जाए और उनकी शिकायतों का समय पर समाधान हो।
केंद्रीय और राज्य सरकार के सहयोग से तमिलनाडु में खेल के क्षेत्र में एक नई क्रांति लाई जाएगी। यह पहल खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ उनसे जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान में भी सहायक साबित होगी। इससे न केवल खेल प्रतिभाएँ बढ़ेंगी, बल्कि युवा पीढ़ी को भी खेलों के प्रति रुचि उत्पन्न होगी।
मंत्री आधव अर्जुन ने कहा, “हमारे खिलाड़ी हमारी गौरव हैं। उनकी सफलता के लिए यह जरूरी है कि उन्हें हर संभव समर्थन मिले। टैलेंट रिसर्च विंग इसी दिशा में एक मजबूत कदम होगा।” उन्होंने मीडिया से भी अनुरोध किया कि वे इस योजना को व्यापक रूप से प्रचारित करें ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ियों तक यह जानकारी पहुंच सके।
तमिलनाडु की इस नई पहल को खेल जगत और आम जनता दोनों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले वर्षों में यह योजना राज्य के खेल विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
