पंजाब में घर बनाना हुआ महंगा,सीएलयू, ईडीसी शुल्क में साढ़े 300 गुना तक दरें बढ़ीं
पंजाब सरकार ने दिया बड़ा झटका, निगम चुनाव से पहले सरकार का कदम विपक्ष को मिलेगा हथियार
द बीट्स न्यूज
चंडीगढ़। जमीनों की बिक्री में एनओसी की अनिवार्यता खत्म करने के नाम पर पंजाब सरकार कई बार लोगों की वाहवाही लूट चुकी है, एनओसी तो अभी खत्म हुई नहीं लेकिन अब सीएलयू (चेंज आफ लैंड) ईडीसी (बाहरी विकास शुल्क) और लाइसेंस शुल्क में साढ़े तीन सौ गुना तक बढ़ोत्तरी कर बड़ा बोझ पंजाब के लोगों पर डाल दिया है। बढ़ी हुई दरें भी जून 2025 से वसूलने के आदेश दिये गये हैं। राज्य में आने वाले चार महीने बाद होने वाले निकाय चुनाव से पहले पंजाब सरकार का ये फैसला विपक्ष को नया हथियार सौंप सकता है।
पंजाब सरकार के आवास एवं शहरी विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार
अमृतसर, पटियाला, खन्ना, राजपुरा, मंडी गोबिंदगढ़, श्री फतेहगढ़ साहिब, फगवाड़ा (निकाय सीमा के भीतर एवं बाहर 7 किमी तक) रेजिडेंशियल प्लाट के लिए ₹27.90 लाख ईडीसी शुल्क (ये आवासीय कॉलोनी के लि लागू होता है। सीएलयू की दर ₹7.97 लाख रुपये प्रति एकड़ तय किया है।
ग्रुप हाउसिंग के लिए ईडीसी शुल्क ₹75.73 लाख रुपये प्रति एकड़ जबकि सीएलयू ₹19.93 लाख रुपये तय किया है।
कॉमर्शियल के लिए ईडीसी शुल्क ₹59.79 लाख,
मैरिज पैलेस (पटियाला/खन्ना/फगवाड़ा के लिए अलग दरें निर्धारित की हैं।
पेट्रोल पंप के लिए ईडीसी शुल्क ₹27.90 लाख, सीएलयू ₹7.97 लाख देना होगा।
हॉस्पिटल/मल्टीमीडिया सेंटर को ₹13.95 लाख ईडीसी शुल्क देना होगा।
इंडस्ट्री, वेयरहाउस, गोदाम के लिए सीएलयू व ईडीसी शुल्क शून्य रहेगा।
बठिंडा, मोगा, बटाला, पठानकोट, बरनाला, मलोट, मोरिंडा, होशियारपुर में निकाय सीमा के भीतर व बाहर 5 किमी तक
रेजिडेंशियल प्लॉटिंग पर ₹11.96 लाख रुपये ईडीसी शुल्क,
ग्रुप हाउसिंग पर ₹37.87 लाख रुपये ईडीसी शुल्क
कमर्शियल बिल्डिंग के लिए ₹33.88 लाख रुपये ईडीसी शुल्क, मैरिज पैलेस एवं पेट्रोल पंप
हॉस्पिटल, मल्टीमीडिया सेंटर के लिए ₹5.98 लाख रुपये ईडीसी शुल्क, संस्थान एवं इंडस्ट्री पर विशेष दरें लागू रहेंगी।
संगरूर, सुनाम, नवांशहर, फरीदकोट, फाजिल्का, अंबाला रोड क्षेत्र आदि ( निकाय सीमा के भीतर व बाहर 3 किमी तक रेजिडेंशियल प्लॉटिंग के लिए ₹9.97 लाख ईडीसी शुल्क,
ग्रुप हाउसिंग के लिए ₹23.92 लाख ईडीसी शुल्क, कॉमर्शियल पर ₹29.92 लाख रुपये ईडीसी शुल्क,
मैरिज पैलेस के लिए ₹4.47 लाख ईडीसी शुल्क पेट्रोल पंप के लिए ₹9.97 लाख ईडीसी शुल्क तय की हैं
हॉस्पिटल, संस्थान, इंडस्ट्री के लिए विशेष श्रेणी के अनुसार शुल्क तय रहेंगी।
अन्य राष्ट्रीय या राज्य मार्गों के किनारे 1 किमी तक पूरे पंजाब के लिए सामान्य दरें रहेंगी, जिनमें
रेजिडेंशियल प्लॉटिंग पर: ₹6.99 लाख रुपये, रेजिडेंशियल ग्रुप हाउसिंग के लिए ₹21.92 लाख रुपये,
कॉमर्शियल पर ₹19.93 लाख रुपये, मैरिज पैलेस के लिए ₹3.00 लाख रुपये, पेट्रोल पंप के लिए ₹6.99 लाख,
हॉस्पिटल, मल्टी मीडिया सेंटर: ₹3.48 लाख रुपये,
संस्थान के लिए ₹1.75 लाख रुपये, इंडस्ट्री, वेयरहाउस, गोदाम पर वास्तविक शुल्क लागू रहेंगी।
रिक्रिएशनल: ₹5.98 लाख रुपये की दर तय की है।
गमाडा क्षेत्र (एसएएस नगर, मोहाली, मुल्लापुर, जीरकपुर इस क्षेत्र में सबसे अधिक शुल्क लागू किए गए हैं।
जारी अधिसूचना के अनुसार पंजाब में सीएलयू, ईडीसी और लाइसेंस फीस में हर साल 10 प्रतिशत बढ़ोतरी होगी। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।
प्रोसेसिंग फीस पहली एकड़ पर ₹7500, उसके बाद प्रत्येक एकड़ पर ₹1500 रुपये,
बिल्डिंग प्लान स्क्रूटनी और बाउंड्री वॉल चार्जेज आवासीय भवनों के लिए: ₹45 प्रति वर्ग मीटर अन्य कैटेगरी के भवनों के लिए: ₹90 प्रति वर्ग मीटर सुपरसीड प्लान पर नए प्लान की दरों का आधा शुल्क रहेगा।
नए लेआउट के लिए: ₹7.5 प्रति वर्ग मीटर, संशोधित लेआउट: ₹5 प्रति वर्ग मीटर शुल्क देना होगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे ₹15,000 , राज्य मार्ग पर ₹8,000, प्रमुख जिला सड़कें व अन्य सड़कें पर ₹5,000 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल पंप के कुल प्लॉट क्षेत्र का 5% हिस्सा कमर्शियल उपयोग के लिए मान्य होगा,
शुल्कों में बढ़ोतरी या कमी सरकार समय-समय पर करेगी।
यदि कोई साइट दो से अधिक ज़ोन में आती है, तो उच्च जोन की दरें लागू होंगी। 1 अप्रैल 2025 से सभी नए प्रोजेक्ट्स पर ये नियम तुरंत प्रभाव से लागू।
पहले से शुल्क जमा करा चुके प्रमोटर्स के लिए भी नियम तय किये हैं।
यदि किसी प्रमोटर, भूमि मालिक ने पहले ही सीएलयू, ईडीसी, लाइसेंस फीस, एसआईएफ जमा करा रखी है और बाद में प्रोजेक्ट में बदलाव चाहता है ऐसी स्थिति में उसे नए शुल्क पहले से जमा राशि से ज्यादा हैं, तो अतिरिक्त राशि भरनी होगी। यदि नए शुल्क पहले से कम हैं, तो सरकार या विकास प्राधिकरण कम हुई राशि वापस नहीं करेगा।
अधिसूचना आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव विकास गर्ग के हस्ताक्षर से जारी की गई है।
नई दरों का अंतर ऐसे समझें
लुधियाना में ईडीसी चार्ज पहले लगभग ₹686 प्रति गज था, जो 2025 की नई अधिसूचना से बढ़कर ₹1,047 प्रति गज हुआ है। इसी तरह, कॉमर्शियल प्रोजेक्ट्स के लिए पहले ईडीसी ₹33.75 लाख प्रति एकड़ था अब वह ₹89.69 लाख हो गया है।
कुछ प्रमुख जोन जैसे गमाडा क्षेत्र में पुराने रेट्स कॉमर्शियल एलए्फ, सीएलयू पहले ₹3.75 लाख थी, जो बढ़कर ₹146.15 लाख हो चुकी है।
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द बीट्स न्यूज नेटवर्क
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