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Friday, Apr 17, 2026
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अवैध खोखा हटाने गया निगम का पीला पंजा ‘लेटर देख’ खौफ खा गया


-लेटर देखकर वापस लौटी टीम, निगम कमिश्नर की सख्ती के बाद दोबारा खोखे को उलटकर वापस लौट गई
-कार्रवाई के नाम पर खोखे को इतनी सावधानी से उलटा कि उसमें खरोंच तक नहीं आने दी, मौका लगते ही फिर लगेगा

द बीट्स न्यूज नेटवर्क
मोगा। नगर निगम के खत्ते में रात के अंधेरे में लगाये गये टिन शेड से तैयार खोखे को हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को खोखा लगाने वाले व्यक्ति ने एक लेटर दिखाया तो निगम का पीला पंजा भी उस लेटर को देखकर खौफ खा गया, निगम के कर्मचारी लेटर को देखने के बाद जेसीबी को वापस मौके से ले गये।
इस मामले की निगम से शिकायत करने वाले
पार्षद साहिल अरोड़ा एवं आसपास के दुकानदारों ने जब दोबारा निगम कमिश्नर डॉ.चारूमिता को बताया कि कार्रवाई करने पहुंची जेसीबी व उसके सात आए कर्मचारी तो बिना कार्रवाई के ही वापस लौट गए हैं, दोबारा शिकायत मिलने पर निगम कमिश्नर डॉ.चारुमिता ने बिल्डिंग ब्रांच को सख्त लहजे से कहा तो रविवार को दो घंटे बाद फिर से जेसीबी मशीन लेकर निगम के कर्मचारी पहुंचे, इस बार निगम कमिश्नर की सख्ती के चलते कार्रवाई करना जरूरी थी, सो निगम कर्मचारियों ने खोखे को ध्वस्त तो नहीं किया बड़े ही ध्यान से खोखे को उलट दिया, उलटते समय खोखे का पूरा ध्यान रखा ताकि खोखे को किसी भी प्रकार का नुसकान हो सके। लोग चर्चा कर रहे हैं कि खोखे को बिना ध्वस्त किये पलटने का सीधा मकसद यही है कि मामला शांत होने के बाद दोबारा से खोखे को रखकर मंडी के खत्ते में कब्जा किया जा सके।

निगम की कार्रवाई पर इसलिए उठ रहे हैं सवाल
आम तौर पर नगर निगम की टीम जब बाजार में दुकानों के बाहर अवैध अतिक्रमण हटाने जाती है तो दुकान के बाहर रखा सामान दुकानदार की ओर से कितनी भी मिन्नतें करने के बाद भी सामान को कब्जे में लेकर नगर निगम में रखवा दिया जाता है, यहां पर ऐसा नहीं किया गया, जिस खोखे के खिलाफ कार्रवाई के लिए निगम की टीम पहुंची भी तो मजबूरी में खोखे को बिना नुकसान किये उलट तो दिया लेकिन न कब्जे में लिया न कोई और कार्रवाई की।

खोखा लगाने वाले अशोक कुमार का दावा है कि उसका यहीं पर पहले भी खोखा लगा था, उसे जानवरों ने ध्वस्त कर दिया था, काफी समय तक वह खोखा लगा नहीं सका था, अब लगाया था।अशोक कुमार का दावा अगर सही है तो क्या निगम उन खोखा लगाने वालों को भी खोखा लगाने की इजाजत देगी कि जिनके खोखे हाईकोर्ट के आधार पर ध्वस्त कर दिया था। बाद में केन्द्र सरकार की वेंडर पॉलिसी के तहत साल 2021 में 238 लोगों को खोखे की जगह आवंटित कर दी थी, लेकिन आज तक खोखे लगवाये नहीं गये हैं। सवाल खड़ा होता है कि क्या उन खोखा आवंटियों को भी कोई ऐसा लेटर मिलेगा, जिसे देखकर नगर निगम का पीला पंजा खौफ खाकर वापस लौट जाय।

द बीट्स न्यूज नेटवर्क
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