22.5 C
New York
Tuesday, Jun 23, 2026
The Beats
Image default
NEWS

पुरानी दाना मंडी में खोखा आवंटन का मामला फिर सवालों के घेरे में


-बड़ा सवाल:जिन खोखों के शेड बनाये जा रहे हैं क्या वहां पर कारोबार करने वालों को कानूनी रूप से आवंटन सर्टीफिकेट मिलेंगे, स्पष्ट नहीं
पहले से मंडी में खोखा लगाकर कारोबार करने वाले वैध हैं या अवैध स्पष्ट नहीं, अवैध के लिए निगम अपनी राशि से शेड नहीं लगा सकती
-आधी से ज्यादा मंडी में खोखों पर तीन माफियाओं का कब्जा, निगम की जगह किराये पर देकर हर रोज कमा रहे हैं लाखों
सत्येन ओझा.द बीट्स न्यूज
मोगा। पुरानी दाना मंडी खोखों के आवंटन को लेकर एक बार फिर चर्चाओं में है। मंडी में खोखा बनाकर बैठे दुकानदारों को कहा जा रहा है कि वे अपने खोखे हटा लें, नगर निगम उन्हें नये सिरे से टिन शेड लगाकर खोखे देंगे। सवाल उठता है कि क्या ये सब वेंडर पॉलिसी के तहत किया जा रहा है, या फिर किसी अन्य नियम के तहत। क्योंकि नगर निगम अवैध रूप से खोखे लगाकर बैठे लोगों को नियमानुसार अपनी ओर से कुछ भी सरकारी धन से बनाकर नहीं दे सकती है।
। ये सरकारी धन का दुरुपयोग होगा। अगर पहले से खोखे लगाकर बैठे लोगों को निगम कानूनी रूप से सही मानती है तो उन्हें क्या नगर निगम में प्रस्ताव लाकर आवंटन पत्र दिया जाएगा।
ये अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं है। यही वजह है कि खोखे वालों में इस समय जबरदस्त आक्रोश का माहौल है।
ये तमाम सवाल खोखे वालों को परेशान कर रहे हैं, खोखे वालों का कहना है कि पहले भी उनके साथ बेइंसाफी हो चुकी है, अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है,उन्हें डर है कि कहीं फिर उनके साथ धोखा हो जाय। नगर निगम में तत्कालीन मेयर नीतिका भल्ला के कार्यकाल में कार्यकाल में जिन 139 चयनित लोगों के नामों का प्रस्ताव हाउस में पास कर उन्हें खोखे के लिए जगह आवंटित कर रसीद भी उन्हें सौंपी गई है, अगर उनमें से कोई भी व्यक्ति जगह मिलने से वंचित रह जाता है तो ऐसा आवंटी अदालत में जाकर पूरी प्रक्रिया को ही सवालों के घेरे में ला सकता है। ऐसे में सभी खोखे वालों को नुकसान हो सकता है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत ही खोखे की जगह आवंटित होने के बाद ही कोई भी रेह़ड़ी वाला उसका असली लाभ ले सकता है।

बड़े सवाल
पुरानी सब्जी मंडी में आधे से ज्यादा खोखे तीन माफियाओं के कब्जे में हैं। इन माफियाओं ने 20-20 से ज्यादा खोखों पर कब्जे करने के साथ ही इन खोखों को किराये पर दे रखा है, जिनसे वे लाखों रुपया का किराया प्रति महीने खुद वसूलते हैं, निगम के हिस्से में फूटीू कौड़ी भी नहीं आती है, यही नहीं खोखों के बाहर रेहड़ी भी किराये पर लगवा रखी हैं, जिनसे प्रतिदिन के हिसाब से 300 से 500 रुपये की वसूली होती है। यानि नगर निगम की जगह कब्जा ही नहीं किया, बल्कि कब्जे वाली जगह से हर महीने लाखों रुपये कमा रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी ऐसे माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं कर पा रही है, नियमानुसार मंडी में वेंडर पालिसी के तहत

जगह उन्हीं लोगों के नाम आवंटित हो सकती है, जिनके पास रेहड़ी के अलावा कोई दूसरा कारोबार न हो, लेकिन जिन तीन माफियाओं ने 20-20 से ज्यादा खोखों पर अवैध कब्जा किया हुआ है, उनसे पहले से ही बड़े कारोबार चल रहे हैं।

वेंडर को जगह आवंटन की क्या है नीति

शहरी क्षेत्रों में निकायों द्वारा स्ट्रीट वेंडर्स (रेहड़ी-पटरी वालों) को जगह आवंटन मुख्य रूप से आजीविका संरक्षण और स्ट्रीट वेंडिंग का विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत किया जाता है। इस नीति का उद्देश्य वेंडर्स को कानूनी मान्यता देकर उनके रोजगार के अधिकारों की रक्षा करना और शहरों में ट्रैफिक व्यवस्था व स्वच्छता को
ठीक रखना है। इस योजना को लागू करने के लिए टाउन वेंडिंग कमेटी बनानी होती है, इस कमेटी के निर्देशन में जगह का सर्वेक्षण होता है। कमेटी में वेंडर के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं। जगह का सर्वेक्षण करने के बाद आवंटी को
वेंडिंग सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। शहर के हर रेहड़ी वाले को जगह आवंटित हो, इसके लिए पूरे शहर में वेडिंग जोन बनाने होते हैं। इस कमेटी में 40% सदस्य स्ट्रीट वेंडर्स के प्रतिनिधि होते हैं। जिनके पास रोजगार का कोई दूसरा जरिया न हो।
शहर के वे हिस्से जहां वेंडर्स 50 से अधिक वर्षों से व्यवसाय कर रहे हैं, उन्हें ‘विरासत बाजार’ का नाम भी दिया जा सकता है। सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही वेंडर को चिन्हित स्थान पर दुकान लगाने का अधिकार मिलता है।
वेंडिंग जोन: सरकारी कार्यालयों (जैसे सचिवालय, जिला अदालत), अस्पतालों और स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में नहीं बन सकते हैं।
ट्रैफिक और पैदल चलने वालों के रास्ते में बाधा डालने वाली जगहें ‘नो-वेंडिंग’ घोषित की जानी चाहिए।

द बीट्स न्यूज नेटवर्क
7087570105

Related posts

अर्पित, अक्षत, नव्या, इशी, आयुष व स्मिता बने विजेता

The Beats

रेलवे स्टेशनों पर जनताजातीय वीरों की वीरगाथाओं का प्रसारण

The Beats

भाजपा ने मोगा निगम चुनाव के लिए केडी भंडारी को बनाया इंचार्ज

The Beats

Leave a Comment