


थाना रकाबगंज में आयोजित विशेष सत्र में सीखी ऑनलाइन सुरक्षा की बारीकियां
द बीट्स न्यूज
आगरा। मिशन शक्ति पहल के तहत प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल की कक्षा 11 की छात्राओं ने आगरा के महिला थाना रकाबगंज में दौरा कर वहां की पुलिसिंग की व्यवस्था को जानने के साथ ही डिजिटल खतरे से बचने संबंधी सेमिनार भी अटैंड किया, जिसमें विशेषज्ञों ने छात्राओं को डिजिटल खतरे से बचने, डिजिटल फ्रॉड से बचने के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। वर्कशॉप के बाद छात्राओं ने संकल्प लिया कि अब डिजिटल खतरा उनके लिए खतरा नहीं, बल्कि वे खतरों के लिए खतरा बनेंगी।
ये कार्यक्रम हिंदी दैनिक ‘अमर उजाला’ के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं को डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ये प्रयास सराहनीय रहा।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता इंस्पेक्टर सुश्री मंजू चौधरी (मिशन शक्ति एवं एंटी-रोमियो प्रभारी) थीं, उनके साथ उप-निरीक्षक अरुण कुमार शर्मा, उप-निरीक्षक छोटे लाल, उप-निरीक्षक जय देव, साइबर उप-निरीक्षक उमा वैश्य, उप-निरीक्षक शैली गुप्ता तथा उप-निरीक्षक ऋतु गुप्ता भी उपस्थित रहीं।
सत्र में कुल 51 छात्राओं और 5 शिक्षकों ने भाग लिया। उन्हें महिला सुरक्षा, साइबर हाइजीन और तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अपराधों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।
सत्र में छात्राओं को
साइबर क्राइम जैसे साइबर बुलिंग, पहचान की चोरी, हैकिंग और निजी डाटा के दुरुपयोग से जुड़े खतरों के बारे में विस्तार से बताया गया। सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के व्यावहारिक उपाय भी समझाए गए।
छात्राओं को फर्जी “डिजिटल अरेस्ट” कॉल्स से सावधान रहने के लिए जागरूक किया गया, उन्हें बताया गया कि सिर्फ फ्रॉड है, डिजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं होता है।
ठग खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर डराने की कोशिश करते हैं, लेकिन ऐसे लोगों से डरने की जरूरत नहीं हैं बल्कि ऐसे लोगों को डराने की जरूरत है।
छात्राओं को वित्तीय धोखाधड़ी जैसे यूपीआई स्कैम, ओटीपी धोखाधड़ी, फ़िशिंग लिंक व फर्जी निवेश योजनाओं की पहचान और उनसे बचने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
इसके अलावा सोशल मीडिया फ्रॉड जैसे फेक प्रोफाइल, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, प्रतिरूपण और तस्वीरों के गलत इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों पर चर्चा की गई। साथ ही प्राइवेसी सेटिंग्स और रिपोर्टिंग के तरीकों की भी जानकारी दी गई।
फोटो मॉर्फिंग:
वक्ताओं ने फोटो मॉर्फिंग के खतरों, इसके कानूनी परिणामों और इससे बचाव के उपाय जैसे सीमित फोटो शेयरिंग व प्रोफाइल सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारीगणों ने महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर भी सांझा किए, जिससे छात्राएं किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
यह जागरूकता कार्यक्रम छात्राओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण ज्ञान प्रदान करने में अत्यंत सफल रहा। इस सत्र ने उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने की समझ और आत्मविश्वास दोनों दिए।
प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने महिला थाना, रकाबगंज की पूरी टीम का हृदय से आभार जताया, जिन्होंने छात्राओं के लिए यह सार्थक एवं प्रभावी सत्र आयोजित किया।
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द बीट्स न्यूज नेटवर्क
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