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Wednesday, Feb 4, 2026
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राज्यपाल ने तरुण भंडारी से पंजाब में 500 सीपीआर कैंप लगाने का लिया वादा


नशा तस्करी पर चिंतित बोले-दुश्मनों के ड्रोन हवा में मारना सीख गये, नशा तस्करी में सुधार नहीं
-मुख्य आयोजक तरुण भंडारी, अमन शर्मा, बिंदु सूद, नवीन सिंगला का नाम लेकर किया धन्यवाद
-डॉ.संजीव सैनी सहित शहर की तमाम हस्तियों को राज्यपाल ने किया आयोजन के लिए सम्मानित
सत्येन ओझा (द बीट्स न्यूज)
मोगा। सुदेश भंडारी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से स्वर्गीय सुदेश भंडारी जी की पावन स्मृति को समर्पित विशाल सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण शिविर के मौके पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शिविर के आयोजक हरियाणा सीएम के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी से वादा लिया कि उन्होंने हरियाणा में सीपीआर के 500 कैंप लगाये हैं तो पंजाब में भी वे इतने कैंप लगायें। वे उनके सहयोगी बनकर काम करेंगे।
राज्यपाल गुलाब चंद पुरोहित ने ये नसीहत भी दी कि कोशिश ये होनी चाहिए कि व्यक्ति बीमार ही न हो, इस दिखा में काम होनी चाहिए, उन्होंने जैन समाज संबंधित राज्यपाल ने जैन समाज के उस वैज्ञानिक तथ्य का भी खुलासा किया कि सूर्यास्त के बाद खाना न खायें इससे तमाम बीमारियां नहीं होंगी।दिन में सूर्य की मौजूदगी मेें व्यक्ति की पाचन शक्ति बेहतर होती है, दिन का खाना आ सानी से पच जाता है, रात का खाना ठीक से पचता नहीं है और कई बीमारियों की वजह बनता है। राज्यपाल ने इस बात पर भी चिंता जतायी कि भारत ने सीमा पार से आने वाले ड्रोन को मार गिराने की शक्ति तो हासिल कर ली है, लेकिन नशे तस्करी के खिलाफ तमाम प्रयासों के बावजूद कोई सार्थक परिणाम नहीं आ रहा है, नशा आज भी पंजाब के लिए गंभीर समस्या बनी है।
राज्यपाल बनबारी लाल पुरोहित ने मंच से कैंप के आयोजन के लिए बिगबेन के बिंदू सूद, पंचकुला में शिफ्ट हुए मोगा के कारोबारी अमन शर्मा, नवीन सिंगला व टीम को कैंप के आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।
माघी पैलेस में इस मानवतावादी पहल का उद्घाटन पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में ज्योति प्रज्वलित करके उद्घाटन किया। इस मौके पर समाजसेवी व बीबीएस ग्रुप के चेयरमैन डॉ.संजीव कुमार सैनी सहित शहर की तमाम कैंप में प्रशिक्षण लेने वाली तमाम समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। बेहतर सहयोग के लिए डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया, एसएसपी अजय गांधी, एडीसी
जसपिंदर सिंह को भी कैंप के आयोजन में सहयोग के लिए राज्यपाल ने सम्मानित किया।

शिविर के मुख्य आयोजक हरियाणा के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को एक ऐसी जीवन-रक्षक तकनीक से अवगत कराना है, जो आपात स्थिति में अनमोल जीवन बचा सकती है। तरुण भंडारी ने बताया कि मोगा में एक भगवती जागरण में मां की भेंट गाते गाते इनके पिता सुदेश भंडारी को कार्डियक अरेक्ट से निधन हो गया था, हालांकि वे सात मिनट में ही उन्हें अस्पताल ले गये थे उस समय तक उनके ब्रेन को रक्त पहुंचना हो चुका था, या मेडिकल भाषा में ब्रेन डेड हो गया था। अगर उन्हें सीपीआर की जानकारी होती तो पिता की जान बचा सकते थे, फिर ऐसे किसी हादसे के दौरान किसी के पिता या किसी प्रियजन की जान जाय, सीपीआर देकर उसे बचाया जा सके, इसी उद्देश्य के साथ वे हरियाणा में अब तक सीपीआर ट्रेनिंग के 500 कैंप लगा चुके हैं। अब ये कैंप मोगा में लगा है, जो उनकी जन्मस्थली है।
आयोजन मंडल में शामिल व्यवसायी अमन शर्मा, बिंदु सूद, नवीन सिंगला, डॉ. सीमांत गर्ग, एसके बंसल, राजीव गुलाटी ने सीपीआर की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस विधि के माध्यम से अचानक रुकी हुई हृदयगति को पुनः चालू कर मरीज की जान बचाई जा सकती है।
शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने व्यवहारिक रूप से सीपीआर देने की ट्रेनिंग भी दी। साथ ही सचेत दिया कि सीपीआर तभी दी जाय तभी किसी की हृदय गति बंद हो जाय।
कार्यक्रम के अंत में तरुण भंडारी ने सभी का धन्यवाद करते हुए विश्वास दिलाया कि ट्रस्ट भविष्य में भी समाज कल्याण से जुड़े ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करता रहेगा।
इस अवसर पर प्रसिद्ध गायक इंदरजीत सिंह निक्कू, डॉ.संजीव कुमार सैनी, सुमित पुजाना, मनजीत कंसल, विकास बंसल, गुरसेवक सिंह सन्यासी, हर्ष कुमार गोयल, एडवोकेट नवीन गोयल, अंजू सिंगला, अनु गुलाटी, वनिता बंसल, लवली सिंगला, राजकमल कपूर, बलदेव बिल्ला, सुबोध जिंदल, सोनू अरोड़ा, नानक चोपड़ा, रिशु अग्रवाल, ब्राह्मण सभा, लायंस क्लब मोगा रॉयल, बिग बेन, माघी रिसोर्ट्स, शुगर चेतना मार्चा, धर्म जागरण समन्वय, प्रवासी एकता मंच के विजय मिश्रा आदि संघठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी शामिल थे।

क्या है सीपीआर
सीपीआर का मतलब कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन है, जो एक जीवन रक्षक आपातकालीन प्रक्रिया है; जब किसी का दिल धड़कना बंद हो जाय या सांस रुक जाए, तब सीपीआर में छाती पर दबाव और बचाव श्वास देकर शरीर में ऑक्सीजन युक्त रक्त संचार बनाए रखा जाता है, जिससे मस्तिष्क और अंगों को ऑक्सीजन मिलती है और जान बचाई जा सकती है।
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द बीट्स न्यूज नेटवर्क
7087570105

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