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Wednesday, Feb 4, 2026
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ब्लूमिंग बड्स स्कूल ने 24 साल के सफर में बच्चों के सपनों में भरे नये रंग


-38 स्पोर्ट्स व ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स के लिए 22 नेशनल लेवल टीमें तैयार करने का गौरव हासिल किया
-कोरोना संक्रमण काल में दुनिया ने इलाज बाद में ढूंढा, डॉ.संजीव सैनी ने पहले ही दे दिया था समाधान
सत्येन ओझा.मोगा ( द बीट्स न्यूज)
तेजी के साथ स्पोर्ट्स हब बनते जा रहे ब्लूमिंग बड्स स्कूल का 24 साल का सफर किसी परी कथा से कम नहीं है। सोमवार को स्कूल परिसर में 24वें फाउंडेशन के डे के मौके पर बच्चों ने स्कूल के इस 24 साल के सफर को चित्रों, रंगोली, चार्ट व कविताओं के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस मौके पर स्कूल के चेयरमैन डॉ.संजीव कुमार सैनी पूरे पूरे समय बच्चों के बीच रहे, बच्चों को लगातार प्रेरित करते रहे कि जीवन में हमेशा समस्याओं का रोना न रोयें अपने शैक्षिक कौशल से दें समस्याओं का समाधान तलाशें।
स्कूल के चेयरमैन डॉ.संजीव कुमार सैनी खुद समस्या कैसी भी हो उनके पास हर समस्या का समाधान होता। कोरोना संक्रमण काल में जब पूरी दुनिया के साथ गंभीर संकट था, मौत हर किसी व्यक्ति के करीब खड़ी थी, पूरी दूनिया के पास कोरोना के इलाज की कोई दवा नहीं थी, उस दौर में लॉक डाउन के बाद जब स्कूलों में ऑन लाइन एजूकेशन शुरू हुई तब अध्यापकों को स्कूल में बुलाना पड़ा, दुनिया उस समय तक कोरोना की दवा खोज नहीं पायी थी, लेकिन डॉ.संजीव कुमार सैनी उस समय अपने पूरे स्टाफ के लिए चेयरमैन नहीं बल्कि उनके गार्डियन बनकर सामने आये, उस समय तक वे समझ चुके थे, कोरोना को मात देने के लिए शरीर की इम्युनिटी को स्ट्रांग रखना जरूरी है, उन्होंने आयुर्वेद में विश्वास दिखाया और खुद व पूरे स्टाफ के लिए आयुर्वेदिक सोल्यूशन देना शुरू किया, परिणाम सामने था कि स्कूल में लगातार अध्यापक आते रहे, लेकिन कोरोना उन्होंने छू भी नहीं सका था। हालातों को देख बहुत सारे स्कूलों ने अध्यापकों को स्टाफ या तो आधा कर दिया था, या छंटनी कर दी थी, उन चुनौतियों के बीच भी किसी अध्यापक का एक दिन का भी वेतन नहीं कटा।
ऐसे उदाहरण कम ही मिलते हैं, जब कोई बड़ी हस्ती अपने बच्चों को अपने द्वारा संचालित स्कूल में ही सीनियर सैकेंडरी तक की शिक्षा उपलब्ध कराये। डॉ.सैनी ने अपनी संतान के रूप में तीनों बेटियों को इसी स्कूल में पढ़ाया बाद में उच्च शिक्षा के बाद वे आज सफल प्रोफेशनल्स के रूप में अपनी खुद की पहचान बना चुकी हैं। जिस समय डॉ. सैनी ने बीबीएस स्कूल को अपने अधीन लिया, उस समय स्कूल गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा था, वे सामान्य पेरेंट्स की तरह पेरेंट्स टीचर्स मीटिंग के दौरान जब उन्हें स्कूल की समस्याओं का पता चला, उन्हें लगा कि स्कूल प्रबंधन चुनौतियों का मुकाबला ठीक से नहीं कर पा रहा था, जिससे स्कूल में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा था, उस समय उन्होंने स्कूल की कमान संभाली उसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। स्पोर्ट्स को उन्होंने खास अहमियत दी, इसके लिए विभिन्न खेलों के कोच जो बेहतर कोच होते हुए भी बेरोजगार थे, उन्हें जॉब ही नहीं दिया, बल्कि बच्चों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल मैदान भी दिये हैं, इसी का परिणाम है कि बीबीएस स्कूल ने
स्पोर्ट्स के लिए स्टेट-ऑफ-द-आर्ट सुविधाओं के साथ स्कूल में 38 स्पोर्ट्स व ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स के लिए 22 नेशनल लेवल टीमें तैयार करने का गौरव हासिल किया है। 10 मीटर पिस्टल शूटिंग की ऐसी रेंज तैयार की है जहां बच्चे ओलम्पिक स्तर पर खेलने के लिए तैयार हो रहे हैं। स्थापना के
करीब एक दशक बाद जब स्कूल की कमान समाजसेवी एवं पंजाब के बड़े व्यवसायी डॉ.संजीव कुमार सैनी के हाथों में आई, तब से स्कूल ने एक शैक्षणिक संस्था के रूप में देश के जिम्मेदार नागरिक बनाने के प्रति स्कूल ने प्रतिबद्धता दिखायी है, वह अनुकरणीय उदाहरण है, व्यवसायिक लाभ हानि का केन्द्र बनतीं जा रहीं शिक्षण संस्थाओं के इस दौर में बीबीएस ग्रुप ने स्कूल में बच्चों के कैरियर बनाने के साथ नेशनल करेक्टर बनाने की दिशा में जो काम किया है, वह दूसरी शिक्षण संस्थाओं के लिए प्रेरणा का केन्द्र भी बना है।

ऐसे मना फाउंडेशन डे
बीबीएस. ग्रुप के चेयरमैन डॉ. संजीव कुमार सैनी व चेयरपर्सन कमल सैनी की मौजूदगी में फाउंडेशन के मौके पर स्टूडेंट्स ने कविताएं, आर्टिकल और चार्ट आदि पेश स्कूल के सफर को प्रभावशाली अंदाज में पेश किया।
इस मौके पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने भारत की सांस्कृतिक संपदा की अनुपम झांकी ही पेश नहीं की, बल्कि वेस्टर्न कला का भी रोमांचक प्रदर्शन किया। ग्रुप चेयरमैन डॉ. संजीव कुमार सैनी ने इस मौके पर स्थापना दिवस की बधाई के साथ ही विद्यार्थियों को सालना परीक्षा के लिए शुभकामनायें भी दीं।
प्रिंसिपल डॉ. हमीलिया रानी ने स्कूल की उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रुप चेयरमैन डॉ.संजीव कुमार सैनी व चेयरपर्सन कमल सैनी की देखरेख में बीबीएस स्कूल आज एक ऐसा प्लेटफार्म है, जिसमें बच्चे न सिर्फ पढ़ाई के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का बेहतर मंच उपलब्ध कराया है।
स्कूल की चेयरपर्सन कमल सैनी ने सभी स्टाफ को फाउंडेशन डे की बधाई दी और कहा कि संस्था का मुख्य मकसद बच्चों का ऑल-राउंड डेवलपमेंट करना है।
इस मौके पर ग्रुप चेयरमैन डॉ. संजीव कुमार सैनी, चेयरपर्सन कमल सैनी, स्कूल वाइस चेयरपर्सन जेसिका सैनी, प्रिंसिपल डॉ. हमीलिया रानी व पूरे स्टाफ ने केक काटा।

द बीट्स न्यूज नेटवर्क
7087570105

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