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प्रशासन की लापरवाही ने ली अध्यापक दंपत्ति की जान

प्रशासन की लापरवाही ने ली अध्यापक दंपत्ति की जान
-धुंध में बिना रेलिंग वाले नहर पुल से गुजरते समय कार नहर में जा गिरी, दोनों की मौत
-15 साल के बेटे, 11 साल की बेटी के पालनहार 80 साल के बुजुर्ग नाना ही परिवार में बचे
सत्येन ओझा.द बीट्स
मोगा। प्रशासन की लापरवाही ने सरकारी युवा अध्यापक दंपत्ति की जान ले ली। जिला परिषद की चुनाव ड्यूटी के लिए अध्यापक संपत्ति रविवार की सुबह माड़ी मुस्तफा स्थित पोलिंग स्टेशन कार से जा रहे थे, जैसे ही कार समाधभाई को पार करते हुए माड़ी मुस्तफा गांव ऐ करीब पहुंचे थे, उनकी कार जैसे ही एक नहर पुल पर पहुंची, नहर पुल के दोनों ओर रेलिंग नहीं थी, उस समय धुंध काफी ज्यादा होने के कारण कार चला रहा अध्यापक साइड नहीं देख सका और कार में नहर में जा गिरी, हालांकि आसपास के लोगों ने कार को डूबते देख दोनों को बचाने का प्रयास किया लेकिन मथुरादास सिविल अस्पताल में पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे ने 11 साल की बेटी, 15 साल के बेटे के सिर से मां-बाप का साया ही नहीं छिना दोनों बच्चों के पालनहार बचे सिर्फ 80 साल के बुजुर्ग सेवानिवृत्त नाना को जिंदगी भर का गम दे दिया। हादसे के बाद कुछ संगठनों ने पीड़ित परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देने व मुआवजे की मांग तो शुरू कर दी है, लेकिन बिना रेलिंग वाले पुल के लिए नहर विभाग के कौन अधिकारी इस हादसे के लिए जिम्मेदार हैं, इस पर किसी ने कोई बात नहीं की है, जब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होगी, ऐसे हादसे होते रहेंगे।
जानकारी के अनुसार 42 साल के अध्यापक जसकरण सिंह परिवार का अकेला बेटा था वह अपनी ससुराल गांव धूड़कोट रण

1- मृतक दंपत्ति,
2 -80 साल के बुजुर्ग नाना व 15 साल के दोहते को जिंदगी भर के आंसू देने वाला जिम्मेदार कौन?
3. मृतक दंपत्ति के शव डीटीएफ के झंडे में लिपटे हुए।

सींह में अपनी 40 साल की पत्नी कमलजीत कौर के साथ रह रहा था। उनकी छटवीं कक्षा की विद्यार्थी बेटी व 9वीं कक्षा का विद्यार्थी बेटा है। जिला परिषद चुनाव में ड्यूटी लगी होने के कारण वे दोनों सुबह घनी धुंध के बीच
माड़ी मुस्तफा जा रहे थे, जैसे ही बिना रेलिंग वाले नहर पुल से गुजरे तो धुंध में साइड नहीं देख सके, और कार नहर में जा गिरी। स्थानीय ग्रामीणों ने काफी प्रयास से दोनों को कार से बाहर निकाला और फर्स्ट एड देने के बाद उन्हें मोगा स्थित सिविल अस्पताल लेकर आये। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अध्यापिका कमलजीत कौर गांव पत्तों हीरा सिंह में सरकारी अध्यापिका के पद पर थीं,जबकि उनके पति जसकरण सिंह गांव खोटे में अध्यापक थे। शोकाकुल माहौल में दोनों का संस्कार गांव धूडकोट रणसींह में किया गया।

– बीट्स न्यूज नेटवर्क
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