
द बीट्स न्यूज
मोगा | नगर निगम की नई वार्डबंदी पर हाईकोर्ट में सुनवाई 16 जनवरी को होनी है, इस पर अहम फैसला आ सकता है। नगर निगम मोगा की ओर से की गई नई वार्डबंदी लागू होगी या उस पर रोक लगेगी, इसको लेकर आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। अदालत की सुनवाई के बाद इस मामले में महत्वपूर्ण फैसला आने की संभावना है।
कांग्रेस पार्षदों द्वारा दायर याचिका पर पहली सुनवाई 14 जनवरी को हुई थी। उस दौरान पंजाब सरकार की ओर से अदालत में दलील दी गई थी कि नगर निगम चुनावों से पहले सरकार किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएगी। राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 16 जनवरी निर्धारित की थी।
याचिकाकर्ता कांग्रेस पार्षदों की ओर से अदालत में तर्क दिया गया है कि पिछले पांच वर्षों में नगर निगम मोगा के रिकॉर्ड में निगम क्षेत्र की सीमा में किसी भी प्रकार की वृद्धि दर्ज नहीं है। हालांकि आबादी में वृद्धि दर्शाई गई है, लेकिन यदि आबादी बढ़ी है तो प्रॉपर्टी टैक्स देने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए थी, जबकि निगम के रिकॉर्ड में ऐसी कोई बढ़ोतरी नहीं दिखाई गई है।
याचिका में यह भी कहा गया कि नगर निगम सीमा में न तो किसी नई कॉलोनी को स्वीकृति दी गई है और न ही किसी नई सड़क को सार्वजनिक सड़क घोषित किया गया है। ऐसे में नई वार्डबंदी केवल राजनीतिक आधार पर की गई प्रतीत होती है, जो कानून के अनुरूप नहीं है।
नगर निगम द्वारा नई वार्डबंदी की अधिसूचना जारी कर उसका नक्शा निगम परिसर में प्रदर्शित किया गया था, जिस पर आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 29 दिसंबर तय की गई थी। निगम के रिकॉर्ड के अनुसार कुल 83 आपत्तियां प्राप्त हुईं थीं जबकि अपुष्ट सूत्रों के अनुसार आपत्तियों की संख्या डेढ़ सौ से अधिक बताई जा रही है। इसके बावजूद, आपत्ति दर्ज कराने वालों को अब तक किसी प्रकार की सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया।
सूत्रों का यह भी कहना है कि आपत्तियों की सुनवाई किए बिना ही अंदरखाते नई वार्डबंदी को मान्यता देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। हालांकि मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद सरकार ने फिलहाल अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान माननीय राज्य अधिवक्ता ने न्यायालय में यह बयान दिया कि नगर निगम मोगा में आगामी चुनावों की घोषणा के संबंध में कोई भी जल्दबाजी में कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को होगी, जिसके बाद आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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द बीट्स न्यूज नेटवर्क
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