
भारत सरकार ने 31 दिसंबर 2025 से पहले सभी प्रकार की वार्डबंदी की जारी की थी अधिसूचना
मोगा नगर निगम के लिए अधिसूचना 8 जनवरी 2026 को जारी की गई, नई वार्डबंदी पर फंसा पेंच
द बीट्स न्यूज
मोगा। वार्डबंदी मामले में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य के अधिवक्ता को पंजाब सरकार के मुख्य सचिव का हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है,निर्देश दिए गए हैं कि हलफनामा में स्पष्ट किया जाय कि भारत सरकार की 13 अगस्त 2025 को जो अधिसूचना जारी की थी वह पंजाब राज्य पर लागू नहीं होती है। 13 अगस्त को भारत सरकार ने देश की सभी निकायों के लिए अधिसूचना जारी की थी कि निकायों में जो भी नई वार्डबंदी की जानी है वह 31 दिसंबर 2025 तक पूरी कर ली जाय, उसके बाद किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। अदालत में इस मामले में चली लंबी बहस के बाद माननीय न्यायाधीश ने पंजाब सरकार के पैराकार को दलीलों को सुनने के बाद निर्देश दिये कि पंजाब सरकार के मुख्य सचिव अदालत को ये हलफनामा दें कि भारत सरकार की ओर से जारी अधिसूचना पंजाब राज्य में लागू नहीं होती है, और निगम निगम की सीमाओं में 31 दिसंबर 2025 के बाद भी परिवर्तन किया जा सकता है। उसके बाद इस मामले में अगली सुनवाई की जाएगी। उधर याचिका दायर करने वाले कांग्रेस के पार्षदों की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि मोगा नगर निगम की वार्डबंदी की अधिसूचना आपत्तियों को सुने बिना ही 8 जनवरी को आनन-फानन में उस समय जारी की जब केस अदालत में चला गया। अदालत में याचिकाकर्ताओं की ओर से ये भी दलील दी गई है कि जो नक्शा नगर निगम में चस्पा किया गया था, उसमें व वार्डबंदी की अधिसूचना के समय जारी क्षेत्रों में छेड़छाड़ की गई है। इस पूरे मामले की सुनवाई के बाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने सुनवाई की अगली तिथि 3 फरवरी तय की है।
द बीटस न्यूज नेटवर्क
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