कांग्रेस व अकाली पार्षदों का बहिष्कार, आप के प्रवीन निर्विरोध मेयर निर्वाचित 
बहिष्कार कर बाहर निकलते पार्षदों का आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ झड़प, हाथा पाई की नौबत
विद्रोही पार्षदों का आरोप: पार्षद मतवाल को पुलिस कब्जे में रखा
विधायक डॉ अमनदीप बोलीं हार के डर से मैदान छोड़ गए विपक्षी
द बीट्स न्यूज
सत्येन ओझा (द बीट्स न्यूज)
मोगा। आखिरकार वही हुआ जिसकी उम्मीद की जा रही थी, आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी प्रवीण कुमार पीना 31 मत हासिल कर निर्विरोध मेयर निर्वाचित घोषित किए गए। चुनावी बैठक के दौरान विद्रोही प्रत्याशियों की संख्या 16 होने के बावजूद उन्होंने मतदान में हिस्सा लेने की बजाय यह कहते हुए चुनाव बैठक का बहिष्कार कर दिया कि सत्ताधारी पार्टी ने पार्षद मतवाल को जबरन अपने कब्जे में रखा है। सत्ता की ताकत का दुरुपयोग किया जा रहा है।
आम आदमी पार्टी की विधायक डॉ अमनदीप कौर अरोड़ा का कहना है, कि आम आदमी पार्टी के पास पूर्ण बहुमत थापास ऐसे में उन्हें किसी भी पार्षद को उठाने या जबरन कहीं रखने की क्या जरूरत थी। उनके पास तो 31 जनवरी तक चुनाव कराने का मौका था लेकिन आम आदमी पार्टी के सभी पार्षद एक जुट थे इसीलिए उन्होंने 19 जनवरी को ही चुनाव कराने के लिए हाई कमान को बोला था। डॉ अमनदीप कौर अरोड़ा का कहना है कि चुनाव लड़ने वालों को अपनी हर दिख रही थी इसलिए बहाने बाजीगर को चुनाव बैठक से बाहर निकल गई अगर मतवाल भी उनके साथ होते हैं तब भी क्या वे चुनाव जीत पाते। सच तो यह है अपनी हार के डर से वे अपना प्रत्याशी तक घोषित नहीं कर पाए। चुनाव पेट से सबसे पहले बाहर जाने वालों में पार्षद रीमा सूद शामिल थीं, बाकी पार्षद कुछ देर बाद बाहर निकले।
चुनाव बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकले पार्षदों में शामिल गौरव गुप्ता गुड्डू ने मीडिया को मोबाइल फोन में सीसीटीवी फुटेज दिखाई, जिसमें पार्षद मतवाल सादा वर्दी में कुछ लोगों के साथ आते दिख रहे हैं। पार्षद गौरव गुड्डू का आरोप था मतवाल को ले जाते हुए जो लोग दिख रहे हैं वह पुलिस कर्मचारी हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। सीसीटीवी के आधार पर एक बार फिर वे हाईकोर्ट में जाएंगे।
नगर निगम के मेयर पद का चुनाव जिला प्रबंधकीय काम्पलेक्स के सभागार में मंडलायुक्त फिरोजपुर की मौजूदगी में हुआ। आम आदमी पार्टी के सभी पार्षद 1:30 बजे ही जिला प्रबंधकीय परिसर में पहुंच गए थे, विद्रोही पार्षदों का बाद में आना शुरू हुआ। मेयर के चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में जाने वाले कांग्रेस के पार्षदों के साथ अकाली दल के पार्षद गौरव गुप्ता गुड्डू, मनजीत धम्मू भी शामिल रहे। पार्षद एवं पूर्व मेयर बलजीत सिंह चानी इसलिए चुनावी बैठक में नहीं पहुंच सके उनकी मां का निधन हो गया था, एक महिला पार्षद सहित कुल 3 पार्षद चुनावी बैठक से अनुपस्थित रहे। 50 वार्डों वाले नगर निगम में विद्रोही पार्षदों की संख्या 16 थी। आम आदमी पार्टी की संख्या 31 थी। चुनावी बैठक शुरू होते ही कांग्रेस एवं अकाली दल के पार्षदों ने आरोप लगाना शुरू कर दिया कि चुनाव अन्याय पूर्ण ढंग से हो रहा है। पार्षद मतवाल को पुलिस ने जबरन अपने कब्जे में रखा है ऐसे में चुनाव की प्रक्रिया लोकतांत्रिक नहीं कही जा सकती है इसके विरोध में उन्होंने अपना कोई प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारने के बजाय चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए चुनावी बैठक का बहिष्कार कर दिया और सभी पार्षद बाहर निकल आए। कांग्रेस व अकाली दल के पार्षद जब बाहर निकले तो आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी के पक्ष में नारेबाजी शुरू कर दी। इस बात पर विद्रोही पार्षद और आम आदमी पार्टी के नेताओं में झड़प हो गई। पार्षद पति देवेंद्र तिवाड़ी का आरोप है कि उन्हें बाहर निकलने वाले पार्षदों ने धक्का मारने की कोशिश की इसको लेकर मामला हाथापाई तक पहुंच गया लेकिन मौजूद लोगों और पुलिस ने मामले को शांत करा दिया।
नवनिर्वाचित मेयर प्रवीन कुमार पीना ने कहा कि यह जीत आम आदमी पार्टी की नीतियों की जीत है पिछले समय में जिस तरह के विकास के काम हो रहे हैं इसी का परिणाम है क्या आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में उन्हें विजय मिली है और इसका सबसे बड़ा श्रेय विधायक डॉ अमनदीप कौर अरोड़ा को जाता है। उन्होंने आम आदमी पार्टी एवं उन्हें समर्थन करने वाले दूसरे दल के पार्षदों का भी आभार व्यक्त किया।
हरण के विद्रोही प्रत्याशी वीर की चुनाव को लेकर की जान से छूटे हुए थे लेकिन जो परिस्थितियों बन रही थी उसे साफ था कि मेयर आम आदमी पार्टी का ही बनेगा द बीट्स की एक दिन पहले प्रकाशित खबर पूरी तरह सटीक साबित हुई।
द बीट्स न्यूज नेटवर्क
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