


-चुनाव से पहले शहर को सुंदर बनाने का शोर मचाने वालों के मुंह पर अब मौन क्यों?
-सरकारी धन की बर्बादी के लिए अब जिम्मेदार कौन? जनता मांगेगी हिसाब
द बीट्स न्यूज
रेलवे रोड के बाद अब गांधी रोड की सड़क पर भी बिना ड्रेनेज व सीवरेज सिस्टम की ठीक किये ही प्रीमिक्स बिछाकर सड़क बना दी, पहले से बनी सड़क पर न सफाई हुई न लेबल का ध्यान रखा, सड़क बिछ गई। मानसून इसी महीने के अंत तक दस्तक देने जा रहा है, ऐसे में पूरी रोड पर ड्रेनेज न होने के चलत बरसात का पानी यहां कई कई दिन तक भरा रहेगा, जिससे नई सड़क की खस्ताहाल हो सकती है।
शर्मनाक:बड़े बड़े वादे करने वालों के मुंह बंद
नगर निगम चुनाव में 25 मई की शाम को पांच बजे तक बड़े बड़े वादे करने वाले, शहर को सुंदर बनाने के दावों के शोर के पांच दिन बाद ही सभी जीतने वालों के मुंह पर मौन दिख रहा हैष। नियमों के खिलाफ बनी इस सड़क पर अभी तक किसी ने कोई सवाल नहीं उठाया।
क्या है सड़क बनाने या री कारपेटिंग के नियम
पंजाब के निकाय क्षेत्रों (नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत) में सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए अलग-अलग तकनीकी मानक, पीडब्ल्यूडी स्पेसिफिकेशन और नगर निकाय नियम लागू होते हैं। यदि किसी क्षेत्र में सीवरेज, ड्रेनेज या पानी निकासी की समस्या है, तो सड़क बनाने से पहले उसका समाधान किया जाना चाहिए, ताकि नई सड़क जल्द खराब न हो।
कानूनी रूप से पंजाब नगर निगम और नगरपालिका कानूनों में ड्रेनेज व्यवस्था को अनिवार्य नगर सेवाओं में शामिल किया गया है। निकायों पर यह जिम्मेदारी डाली गई है कि वे ड्रेनेज और सीवरेज व्यवस्था का निर्माण, रखरखाव और मरम्मत करें तथा प्रभावी जल निकासी सुनिश्चित करें।
यदि किसी सड़क पर बार-बार जलभराव होता है, सीवर ओवरफ्लो होता है या नालियां बंद हैं, तो केवल सड़क की रिपेयर या नई लेयर बिछाना तकनीकी दृष्टि से उचित नहीं माना जाता। इंजीनियरिंग प्रैक्टिस के अनुसार सीवरेज लाइन की जांच और मरम्मत,स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज (बरसाती पानी निकासी) की व्यवस्था, नालियों की सफाई या पुनर्निर्माण, भूमिगत पाइपलाइन संबंधी कार्य
पूरा किया जाना चाहिए, उसके बाद सड़क का निर्माण या री-कारपेटिंग होनी चाहिए। इसी कारण कई नगर निकाय मानसून से पहले ड्रेनेज और गली-सफाई कार्यों को प्राथमिकता देते हैं।
पंजाब नगर पालिका कानून में भी यह प्रावधान है कि प्रभावी ड्रेनेज उपलब्ध कराना और आवश्यक होने पर ड्रेन का निर्माण या सुधार करना निकाय का दायित्व है।
जनता क्या करे
यदि आपके क्षेत्र में बिना सीवरेज या ड्रेनेज सुधार के सड़क बनाई जा रही है और आशंका है कि पहली बारिश में सड़क टूट जाएगी या पानी भर जाएगा, तो आप
संबंधित निगम के कमिश्नर (वर्तमान में प्रशासक) को लिखित शिकायत दे सकते हैं।
आरटीआई लगाकर डीपीआर (Detailed Project Report), एस्टीमेट और ड्रॉइंग मांग सकते हैं।
यह जानकारी मांग सकते हैं कि सड़क निर्माण से पहले सीवरेज और ड्रेनेज का सर्वे किया गया था या नहीं।
स्थानीय निकाय मंत्री, डिप्टी कमिश्नर या लोक शिकायत पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं।
व्यावहारिक रूप से यदि किसी सड़क पर सीवर लाइन खराब है या जल निकासी की व्यवस्था नहीं है, तो पहले ड्रेनेज और सीवरेज का काम होना चाहिए और उसके बाद सड़क का निर्माण या रिपेयर किया जाना चाहिए। यही टिकाऊ और मानक इंजीनियरिंग प्रक्रिया मानी जाती है।
द बीट्स न्यूज नेटवर्क
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