विशेष साक्षात्कार: देव प्रिय त्यागी, जिला उपाध्यक्ष, भाजपा मोगा
-शिविर में जो कार्यकर्ता दोनों दिन रहे उनमें गजब की ऊर्जा दिखी, अनुपस्थित रहने वालों ने बहुत कुछ खोया



सत्येन ओझा, द बीट्स न्यूज, मोगा
मोगा के ब्लूमिंग बड्स स्कूल में 13-14 जून को आयोजित भाजपा के दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ताओं को क्या मिला, क्या सीखा। अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाली भाजपा क्या अपने कार्यकर्ताओं की कसौटी पर खरा उतरी
,इन तमाम सवालों पर दो दिवसीय कैंप में दोनों दिन शिविर में रहने वाले व वहीं पर रात्रि गुजारने वाले जिला उपाध्यक्ष देवप्रिय त्यागी ने हर सवाल का बेबाकी से जबाव दिया। द बीट्स न्यूज ने विशेष बातचीत की। पेश हैं बातचीत के
प्रमुख अंश—
सवाल 1: भाजपा इस प्रशिक्षण शिविर को 2027 विधानसभा चुनाव का बिगुल बता रही है। आखिर यह शिविर इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जा रहा है?
देवप्रिय त्यागी: यह केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं था, बल्कि कार्यकर्ताओं को चुनावी दृष्टि और संगठनात्मक सोच देने का प्रयास था। आम बैठकों में कार्यकर्ता आते हैं, बातें सुनते हैं और चले जाते हैं, लेकिन इस शिविर में 45-45 मिनट के नौ विषयगत सत्र आयोजित किए गए। यहां कार्यकर्ताओं को सिर्फ सुनना नहीं, बल्कि समझना, सवाल पूछना और विचारों को आत्मसात करना सिखाया गया।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि प्रत्येक सत्र की अध्यक्षता स्वयं कार्यकर्ताओं ने की। इससे संगठन ने स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा में हर कार्यकर्ता नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार किया जा रहा है। यही 2027 की तैयारी का पहला चरण है।
सवाल: इस शिविर का मूल संदेश क्या था? कार्यकर्ता अपने साथ क्या सीख लेकर गए?
देवप्रिय त्यागी:पूरे शिविर का मूल संदेश था— “व्यक्ति से ऊपर राष्ट्र और राष्ट्र से ऊपर मानव मूल्य।”
कार्यकर्ताओं को एकात्म मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांतों से जोड़ते हुए बताया गया कि राजनीति केवल चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का संकल्प है।
हमारे कार्यकर्ता अब केवल वोट मांगने नहीं जाएंगे, बल्कि केंद्र सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। बूथ प्रबंधन, संगठन विस्तार और जनसंपर्क के हर पहलू पर प्रशिक्षण दिया गया।
सवाल 3: नौ सत्रों में से कौन से विषय सबसे प्रभावशाली रहे?
देवप्रिय त्यागी:मेरे अनुसार तीन सत्र विशेष रूप से प्रभावशाली रहे।
पहला, बूथ मैनेजमेंट और “मन की बात”, जिसमें बताया गया कि किसी भी चुनाव की असली ताकत बूथ स्तर पर ही तैयार होती है। दूसरा, वैचारिक अधिष्ठान, जिसमें भाजपा की विचारधारा और उसके सामाजिक सरोकारों पर विस्तार से चर्चा हुई। तीसरा, सोशल मीडिया का प्रभाव और उपयोग। आज डिजिटल युग में एक पोस्ट लाखों लोगों तक पहुंचती है। इसलिए कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया के सकारात्मक और जिम्मेदार उपयोग की जानकारी दी गई।
सवाल 4: शिविर के दौरान कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की अनुपस्थिति तथा रात्रि प्रवास में भाग न लेने की चर्चा भी रही। आप इसे कैसे देखते हैं?
देवप्रिय त्यागी:मैं संगठन का कार्यकर्ता हूं और स्पष्ट बात करने में विश्वास रखता हूं। हां, कुछ कमियां सामने आईं। कुछ पदाधिकारी बिना सूचना अनुपस्थित रहे और कुछ लोगों ने रात्रि प्रवास में हिस्सा नहीं लिया। यह निश्चित रूप से चिंतन का विषय है। यदि कोई कार्यकर्ता दो दिन का प्रशिक्षण शिविर पूरी निष्ठा से पूरा नहीं कर सकता तो चुनावी संघर्ष की चुनौतियों का सामना कैसे करेगा?
रात्रि प्रवास केवल रुकने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि संगठनात्मक अनुशासन और सामूहिक जीवन का हिस्सा था। हालांकि यह भी सच है कि जो कार्यकर्ता पूरे समय उपस्थित रहे, उनका उत्साह और सीखने की ललक अत्यंत प्रेरणादायक थी।
सवाल: क्या भविष्य में ऐसे प्रशिक्षण शिविर और होने चाहिए?
देवप्रिय त्यागी:निश्चित रूप से होने चाहिए और प्रत्येक जिले में होने चाहिए। लेकिन इसके साथ अनुशासन भी सुनिश्चित होना चाहिए। संगठनात्मक कार्यक्रमों में अनुपस्थिति को सामान्य नहीं माना जा सकता। जो कार्यकर्ता संगठन को मजबूत बनाना चाहते हैं, उन्हें हर स्तर पर सक्रिय भागीदारी करनी होगी। 2027 का चुनाव केवल नारों से नहीं जीता जाएगा, बल्कि प्रशिक्षित, अनुशासित और समर्पित कार्यकर्ताओं की मेहनत से जीता जाएगा।
सवाल 6: व्यक्तिगत रूप से इस शिविर से आपको क्या मिला?
देवप्रिय त्यागी: इस शिविर ने मुझे सबसे बड़ी चीज़ दी— विश्वास।
विश्वास कि भाजपा का संगठन मजबूत हाथों में है। विश्वास कि हजारों कार्यकर्ता बिना किसी स्वार्थ के राष्ट्र और समाज के लिए काम कर रहे हैं। विश्वास ये भी दिया कि यदि हम संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखें तो आने वाले समय में भाजपा पंजाब में और अधिक मजबूत होकर उभरेगी।
कमियां हर जगह होती हैं, लेकिन मैंने यहां कार्यकर्ताओं की आंखों में जो उत्साह और संकल्प देखा, उसने मेरा विश्वास और मजबूत किया है।
सवाल 7: मोगा और पंजाब के भाजपा कार्यकर्ताओं को आप क्या संदेश देना चाहेंगे?
देवप्रिय त्यागी: मेरा संदेश बिल्कुल स्पष्ट है— संगठन को मजबूत करना है तो हर कार्यकर्ता को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। बूथ ही चुनाव की नींव है और कार्यकर्ता ही संगठन की असली ताकत।
2027 अभी दूर लग सकता है, लेकिन चुनाव की तैयारी आज से ही शुरू होती है। हमें अनुशासन, समर्पण और संगठन की भावना के साथ आगे बढ़ना होगा। यही सफलता का मार्ग है।
—-
द बीट्स न्यूज नेटवर्क
7087570105


