
-किसानों के साथ व्यवसायिक नहीं, सामाजिक रिश्ते बनाये हैं नेस्ले इंडिया ने
-मोगा नेस्ले की स्थापना के समय दूध बेचने को पुत बेचने के समान माना जाता था
-74 साल के सफर ने मोगा को नई पहचान दी, प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष कई लाख को रोजगार
सत्येन ओझा.द बीट्स न्यूज
मोगा/नई दिल्ली।
नेस्ले ने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री साल 1962 में शुरु की थी, जब पंजाब में दूध बेचना पुत बेचने के समान समझा जाता था, लेकिन फैक्ट्री प्रबंधन ने लगातार दुग्ध उत्पादक किसानों की काउंसलिंग कर दुग्ध उत्पादन को एक बड़ी इंडस्ट्रीज के रूप में खड़ा कर दिया।मोगा व उसके आसपास के हजारों लोगों को सीधे तौर पर कई लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला।आज वही नेस्ले इंडिया फैक्ट्री भारत के लिए क्वालिटी फूड की गारंटी बनकर सामने आई है। देश में मैगी हर घर की पसंद बन चुकी है। मिल्क मेड भारत का लोकप्रिय उत्पाद बन चुका है।
मोगा में सोमवार को दिल्ली से पहुंचे नेस्ले इंडिया के प्रमुख (कॉर्पोरेट मामले, स्थिरता एवं सीएसआर) कुंवर हिमंत सिंह ने मीडिया को नेस्ले फैक्ट्री का विजट कराकर दिखाया कि किस तरह नेस्ले इंडिया फैक्ट्री में क्वालिटी व फूड की सुरक्षा का फूल प्रूफ ध्यान रखा जाता है। उन्होंने बताया कि कंपनी अपने सभी उत्पादों के निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। उपभोक्ताओं का विश्वास उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से उत्पादन प्रक्रिया से लेकर गुणवत्ता परीक्षण तक प्रत्येक चरण में कड़े सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है।
नेस्ले इंडिया के प्रमुख (कॉर्पोरेट मामले, स्थिरता एवं सीएसआर) कुंवर हिमंत सिंह ने कहा कि भारत के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता गहरी और दीर्घकालिक है। उन्होंने कहा कि नेस्ले इंडिया देश में अपनी उपस्थिति को केवल एक व्यावसायिक गतिविधि नहीं, बल्कि दीर्घकालिक साझेदारी के रूप में देखती है। लोगों और ग्रह में निवेश करते हुए कंपनी सतत विकास की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
नेस्ले इंडिया फैक्ट्री प्रबंधन के अनुसार मिल्कमेड ने पिछले वित्तीय वर्ष में इस ब्रांड की 34 मिलियन से अधिक यूनिट की बिक्री की है। पंजाब के मोगा स्थित संयंत्र में मिल्कमेड का उत्पादन उच्च गुणवत्ता वाले कच्चे माल और कड़े सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जा रहा है।
किसानों के साथ गहरे रिश्ते बनाये हैं नेस्ले इंडिया ने
साल 2002 में जब नेस्ले इंडिया मोगा फैक्ट्री की स्थापना के समय उस किसान को धर्मकोट रोड स्थित उसके गांव में जाकर सम्मानित किया था,जिसने सबसे पहले नेस्ले इंडिया को दूध दिया था, दुग्ध उत्पादक किसानों के पशुओं के स्वास्थ्य के देखभाल के लिए नेस्ले इंडिया के पशु चिकित्सक लगातार उनकी देखभाव करते हैं, बीमार होने पर इलाज करते हैं, किसानों को ज्यादा दुधारु पशु रखने के लिए आर्थिक सहायता के साथ नेस्ले प्रबंधन उन्हें काउंसलिंग भी करता है, ज्यादा दूध देने वाले किसानों में प्रतिस्पर्धा बनाये रखने के लिए उन्हें सम्मानित किया जाता है।
सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रही नेस्ले इंडिया
कंपनी ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए बताया कि वह शिक्षा, पोषण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। नेस्ले हेल्दी किड्स कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 32 हजार किशोरों और 1,460 माता-पिता को लाभान्वित कर चुकी है। इसके अलावा, राज्य के 110 स्कूलों में स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
कंपनी के अनुसार, पंजाब के 122 स्कूलों में संचालित कार्यक्रमों से करीब 39,900 छात्र लाभान्वित हुए हैं। वहीं ‘प्रोजेक्ट सर्विस एंड’ के तहत राज्य के 10 जिलों में 7,000 से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही फिरोजपुर, तरनतारन, गुरदासपुर, अमृतसर, पटियाला, फाजिल्का, कपूरथला और लुधियाना सहित विभिन्न जिलों में 21,000 ड्राई राशन किट भी वितरित की गई हैं।
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