

बोलीं-ये मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा का सम्मान है
सत्येन ओझा,द बीट्स न्यूज
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में पर्यावरण सरंक्षण दिवस के मौके पर इंडियन गैलेक्सी फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में ताजनगरी आगरा की कत्थक नृत्यांगना राशि जैन को भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण विभाग के राज्य मंत्री रामदास अठावले ने अपने हाथों से राष्ट्रीय नृत्य गुरु अवार्ड से अलंकृत किया।राशि जैन को मिला ये सम्मान आगरा के लिए गौरव की बात है।
प्रसिद्ध नृत्यांगना एवं नृत्य गुरु राशि जैन ने इस उपलब्धि को अपने माता-पिता, गुरुजनों, शिक्षकों, मित्रों, संगीतकारों और शिष्यों को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा और गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान है।
कौन है राशि
आगरा के एक सामान्य परिवार से संबंध रखने वाली राशि जैन ने जैन संतों के समारोहों में अपनी बड़ी बहन शिफाली जैन के साथ भारतीय पारंपरिक नृत्य शैली में युगल प्रसिद्धि देकर शुरू किया था, शुरू में राशि की नृत्य कला महज सामाजिक मंचों तक सीमित था, लेकिन नृत्य के प्रति समर्पण ने राशि को इस कला में इस कदर निपुण बना दिया कि लंबे समय से आगरा में सांस्कृतिक एवं कन्वेंशन सेंटर कलाकृति में शाहजहां व मुमताज के अमर प्रेम पर आधारित लाइव शो में अपने शास्त्रीय नृत्य शैली से दुनिया भर से आगरा आने वाले पर्यटकों व कलाप्रेमियों को दिल जीत लिया। साल 2014 में आगरा में एक स्थानीय न्यूज चैनल के रीयलटी शो डी-3 के फाइनल मुकाबले में पहली भाग हिस्सा लेते हुए शो विनर बनीं, उसके बाद राशि जैन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, आज वे शास्त्रीय नृत्य शैली में अलग पहचान रखती हैं। जिस आगरा को कभी अंतरराष्ट्रीय स्तर की शास्त्रीय नृत्यांगना काजल शर्मा के नाम से जाना जाता था, उस परंपरा को राशि जैन ने बरकरार रखा है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद राशि ने भावुक शब्दों में कहा कि भारतीय संस्कृति में नृत्य केवल मंच पर प्रस्तुति भर नहीं, बल्कि एक साधना, आध्यात्मिक यात्रा और पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत का जीवंत माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान उन सभी गुरुओं को समर्पित है जिन्होंने उन्हें मार्गदर्शन दिया, उन संगीतकारों को जिन्होंने उनकी प्रस्तुतियों में प्राण फूंके और उन विद्यार्थियों को जो उनकी कला एवं विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक कलाकार का सबसे बड़ा दायित्व अपनी सांस्कृतिक जड़ों की पवित्रता को अक्षुण्ण रखते हुए नवाचार को भी अपनाना है, ताकि भारतीय शास्त्रीय और अर्ध-शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध विरासत आने वाली पीढ़ियों तक निरंतर पहुंचती रहे।
उन्होंने इस सम्मान के लिए अपने माता-पिता, शिक्षकों, मित्रों तथा सभी शुभचिंतकों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग, विश्वास और आशीर्वाद के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी।
राशि का कहना है कि “नेशनल नृत्य गुरु सम्मान अवार्ड 2026 प्राप्त करना एक अत्यंत विनम्र कर देने वाला मील का पत्थर है, जो व्यक्तिगत उपलब्धि से परे है। हमारी परंपरा में, नृत्य केवल एक प्रदर्शन नहीं है; यह एक पवित्र वंश, एक साधना और शास्त्रीय आंदोलन की प्राचीन आत्मा तथा अर्ध-शास्त्रीय कला की विकसित होती अभिव्यक्तियों के बीच का एक सेतु है।
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