मोगा में बिना पार्किंग बन रहीं मल्टी-स्टोरी कॉमर्शियल इमारतें शहर को डाल रहीं गंभीर ट्रैफिक संकट में



निगम अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
न्यू टाउन जैसे योजनाबद्ध क्षेत्र की पहचान खतरे में
सत्येन ओझा
द बीट्स न्यूज, मोगा
मोगा शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों और पहले से ही व्यस्त बाजारों में बिना पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के बनाई जा रही मल्टी-स्टोरी कॉमर्शियल इमारतें आने वाले समय में ट्रैफिक और पार्किंग संकट को और गंभीर बना सकती हैं। शहर में तेजी से खड़ी हो रही व्यावसायिक इमारतों को लेकर नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच के फील्ड अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
शहरवासियों का कहना है कि जिन बाजारों में पहले ही सड़कें संकरी हैं और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहां बिना पार्किंग के बड़े व्यावसायिक भवनों को अनुमति देना भविष्य में जाम और अव्यवस्था को न्योता देने जैसा है। हैरानी की बात यह है कि निगम के जिम्मेदार अधिकारी या तो मौके पर निरीक्षण नहीं कर रहे या फिर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले कुछ वर्षों में मोगा के पुराने बाजारों और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों से निकलना तक मुश्किल हो सकता है।
न्यू टाउन की मूल योजना पर पड़ रहा असर
मोगा का न्यू टाउन क्षेत्र कभी शहर का सबसे व्यवस्थित और योजनाबद्ध रिहायशी इलाका माना जाता था। इस क्षेत्र को विकसित करने में नगर कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष और पद्मश्री डॉ. मथुरा दास पाहवा का महत्वपूर्ण योगदान रहा था। उनकी दूरदर्शी सोच के कारण यह इलाका सुव्यवस्थित सड़कों, खुली जगहों और संतुलित विकास के लिए जाना जाता था।
लेकिन अब विकास के नाम पर जिस प्रकार बिना पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के बहुमंजिला व्यावसायिक इमारतें बनाई जा रही हैं, उससे न्यू टाउन की मूल योजना और पहचान प्रभावित होती दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि न तो नगर निगम प्रशासन और न ही चुने हुए जनप्रतिनिधि इस गंभीर विषय पर ध्यान दे रहे हैं।
पंजाब सरकार ने पार्किंग को बनाया अनिवार्य
पंजाब सरकार ने शहरी विकास को सुव्यवस्थित करने और बढ़ती पार्किंग समस्या का समाधान करने के उद्देश्य से बहुमंजिला इमारतों के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। इन नियमों के तहत शहरी क्षेत्रों में बेसमेंट सहित चार मंजिल तक निर्माण को मंजूरी दी गई है, लेकिन इसके साथ पार्किंग व्यवस्था को अनिवार्य और सख्त बनाया गया है।
नियमों के अनुसार—
चार मंजिला इमारतों में ग्राउंड फ्लोर पर वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त खुली जगह छोड़ना अनिवार्य है।
इस पार्किंग क्षेत्र का उपयोग किसी अन्य व्यावसायिक गतिविधि के लिए नहीं किया जा सकता।
व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और मॉल के लिए फ्लोर एरिया अनुपात (FAR) के अनुसार पर्याप्त पार्किंग उपलब्ध कराना कानूनी रूप से आवश्यक है।
बिना पर्याप्त पार्किंग स्पेस के भवन नक्शों को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए।
पार्किंग क्षेत्र में दुकानें, गोदाम या अन्य निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान है।
शहरवासियों के सामने बड़ा सवाल
जब राज्य सरकार पार्किंग व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट नियम लागू कर चुकी है, तब मोगा में बिना पार्किंग वाली बहुमंजिला व्यावसायिक इमारतें कैसे खड़ी हो रही हैं? क्या संबंधित विभाग नियमों का पालन सुनिश्चित कर रहा है? यदि नहीं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
शहरवासियों का मानना है कि विकास आवश्यक है, लेकिन ऐसा विकास जो भविष्य में नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बने, उस पर समय रहते रोक लगाना और नियमों का कड़ाई से पालन करवाना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
यदि आज इस विषय पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में मोगा को ट्रैफिक जाम, पार्किंग संकट और अव्यवस्थित शहरी विकास जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
द बीट्स न्यूज नेटवर्क
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