मानवता की सेवा का बेमिसाल उदाहरण हैं पदमश्री डॉ.मथुरादास पाहवा

डॉ. मथुरा दास पाहवा की स्मृति में डीएम कॉलेज मोगा में निबंध प्रतियोगिता
मोगा को पांच शिक्षण संस्थाएं, सिविल अस्पताल दिया डॉ.पाहवा ने, बदले में परिवार ने कोई उम्मीद नहीं रखी
निबंध प्रतियोगिता में भाव्या गोयल को पहला, यशप्रीत शर्मा को दूसरा, आकृति को मिला तीसरा स्थान
द बीट्स न्यूज
मोगा: डीएम कॉलेज मोगा के 100वें वर्ष के उपलक्ष्य में महान शिक्षाविद एवं कॉलेज के संस्थापक डॉ. मथुरा दास पाहवा जी की स्मृति को समर्पित निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में भाव्या गोयल को प्रथम स्थान, यशप्रीत शर्मा को द्वितीय स्थान तथा आकृति को तीसरे स्थान पर रहीं।
प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को डॉ. मथुरा दास पाहवा के जीवन, उनके योगदान और उनके आदर्शों के बारे में जागरूक करना था।
प्रतियोगिता में कॉलेज के विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह और जोश के साथ भाग लिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपने लेखन कौशल और विचारों के माध्यम से डॉ. पाहवा के जीवन एवं समाज के प्रति उनके योगदान को प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर ललित मोहन गर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए निबंध प्रतियोगिता के महत्व और लेखन कला पर प्रकाश डाला। डॉ. मथुरा दास पाहवा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व दुनिया में कभी-कभार ही जन्म लेते हैं, जो अपने कर्मों से समाज के लिए प्रकाश बनते हैं और आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा दिखाते हैं।
उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्व अपने कार्यों से ऐसी परंपरा स्थापित कर जाते हैं, जो लंबे समय तक समाज का मार्गदर्शन करती रहती है। उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए आने वाली पीढ़ियां भी समाज और शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देती हैं।
प्रतियोगिता के परिणामों में भाव्या गोयल ने प्रथम स्थान, यशप्रीत शर्मा ने द्वितीय स्थान तथा आकृति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन में पंजाबी विभाग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कॉलेज के 100वें वर्ष के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने संस्थान के इतिहास और उसके संस्थापक के योगदान से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
द बीट्स न्यूज नेटवर्क
7087570105

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *