‘नशा तस्करों के खिलाफ नहीं, नशा रोकने वालों के खिलाफ युद्ध कर रही ‘आप’ सरकार’: मक्खन बराड़
धर्मकोट में विजिलेंस कार्रवाई को लेकर सरकार पर बरसे अकाली नेता, बोले—तीन इंस्पेक्टरों पर कार्रवाई के बाद भी व्यवस्था में बदलाव क्यों?
द बीट्स न्यूज
मोगा। शिरोमणि अकाली दल हलका धर्मकोट के इंचार्ज सरदार बरजिंदर सिंह मक्खन बराड़ ने आम आदमी पार्टी सरकार के ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी नशा और नशा तस्करों के खिलाफ नहीं, बल्कि नशा रोकने वालों के खिलाफ युद्ध कर रही है। मक्खन बराड़ ने धर्मकोट में नशे से जुड़े मामले में विजिलेंस ब्यूरो द्वारा कथित तौर पर ₹50 हजार की रिश्वत के मामले में इंस्पेक्टर सुनीता रानी के खिलाफ की गई कार्रवाई को इसका उदाहरण बताया।
अपनी रिहायश पर शिअद जिला प्रधान सरदार निहाल सिंह भुल्लर की अगुवाई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मक्खन बराड़ ने कहा कि धर्मकोट क्षेत्र में पिछले कुछ समय के दौरान नशे या रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में तीन पुलिस इंस्पेक्टरों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। उनके अनुसार, कार्रवाई के बावजूद कुछ समय बाद अधिकारियों को दोबारा महत्वपूर्ण थाने सौंपे जाने के आरोप सामने आते रहे हैं।
मक्खन बराड़ ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस अधिकारी लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई का सामना कर रहे हैं, तो इसके पीछे की पूरी व्यवस्था की जांच क्यों नहीं की जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा तस्करी और भ्रष्टाचार के मामलों में पुलिस अधिकारी केवल ‘मोहरा’ हैं, जबकि असली मास्टरमाइंड सत्ता में बैठे लोग हैं।
‘विधायक के कार्यालय के बाहर नशे में पड़ा व्यक्ति क्या संदेश देता है?’
मक्खन बराड़ ने धर्मकोट के विधायक देविंदरजीत सिंह लाडी ढोस पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि विधायक के कार्यालय के बाहर एक व्यक्ति के नशे की हालत में पड़े होने की तस्वीरें सामने आना धर्मकोट में नशे की स्थिति पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार नशे के खिलाफ अभियान चलाने के दावे कर रही है, जबकि दूसरी तरफ क्षेत्र में नशे से जुड़े मामलों और परिवारों की परेशानियों की शिकायतें सामने आ रही हैं। “अगर नशे के खिलाफ युद्ध सफल है तो जमीनी स्तर पर इसका असर क्यों दिखाई नहीं दे रहा?” उन्होंने सवाल किया।
मक्खन बराड़ ने मीडिया को कुछ तस्वीरें और वीडियो दिखाने का दावा करते हुए कहा कि इनमें आम आदमी पार्टी के विधायक को विजिलेंस कार्रवाई का सामना कर चुकीं इंस्पेक्टर सुनीता के साथ दिखाई देने का दावा किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास नगर कौंसिल चुनाव के दौरान इंस्पेक्टर सुनीता रानी से संबंधित एक वीडियो भी है, जिसमें उनके अनुसार लोगों के साथ कथित तौर पर धक्केशाही होती दिखाई देती है।
‘पुलिस अधिकारियों को मोहरा बनाया जा रहा है तो अभी सचेत हो जाएं’
अकाली नेता ने पुलिस अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि यदि उन्हें राजनीतिक व्यवस्था में केवल मोहरे के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है तो उन्हें समय रहते सचेत हो जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार का कार्यकाल अब ज्यादा लंबा नहीं है और यदि अधिकारी राजनीतिक दबाव में ऐसे काम करते रहे तो भविष्य में उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। मक्खन बराड़ ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के इशारे पर अधिकारी कथित तौर पर काम कर रहे हैं, वे सत्ता बदलने के बाद विदेश चले जाएंगे और अधिकारियों को अदालतों के चक्कर काटने पड़ेंगे।
तीन पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई का मुद्दा उठाया
मक्खन बराड़ ने कहा कि वर्ष 2023 में थाना धर्मकोट के तत्कालीन इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह भुल्लर के खिलाफ विजिलेंस कार्रवाई हुई थी। इसके बाद वर्ष 2024 में थाना कोट ईसे खां की तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर अर्शप्रीत कौर ग्रेवाल के खिलाफ कथित रिश्वत के मामले में कार्रवाई की गई। मीडिया रिपोर्टों में उस मामले में ₹5 लाख की रिश्वत के आरोप सामने आने की बात कही गई थी।
अब कोट ईसे खां की एसएचओ इंस्पेक्टर सुनीता रानी के खिलाफ ₹50 हजार की रिश्वत के मामले में विजिलेंस कार्रवाई का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि तीन मामलों का सामने आना केवल संयोग नहीं माना जा सकता और इसकी पूरी व्यवस्था की जांच होनी चाहिए।
‘राजनीतिक प्रभाव से पुलिस तैनाती हो तो न्याय की उम्मीद कैसे?’
मक्खन बराड़ ने आरोप लगाया कि धर्मकोट के विधायक द्वारा अपने करीबी व्यक्ति को डीएसपी धर्मकोट के मुख्य रीडर के पद पर बनाए रखने के लिए कथित तौर पर राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ गंभीर आरोपों के बाद मौजूदा डीएसपी की शिकायत पर एसएसपी द्वारा की गई निलंबन कार्रवाई भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने सवाल किया कि यदि पुलिस अधिकारियों की तैनाती राजनीतिक प्रभाव के आधार पर होगी तो आम आदमी निष्पक्ष न्याय की उम्मीद कैसे कर सकता है?
‘नशा रोकने की शपथ लेने वाले अब जमीनी हकीकत का जवाब दें’
मक्खन बराड़ ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान धर्मकोट में नशा रोकने को लेकर किए गए दावों का जिक्र करते हुए कहा कि आज क्षेत्र में नशे से जुड़ी घटनाएं और परिवारों का दर्द उन दावों पर सवाल खड़े कर रहा है।
उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों का दर्द केवल आंकड़ों में नहीं देखा जा सकता। सरकार को नशे की सप्लाई लाइन तोड़ने, युवाओं को नशे से बचाने और पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
मक्खन बराड़ ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल धर्मकोट में भ्रष्टाचार, नशे और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा और लोगों की आवाज सरकार तक पहुंचाता रहेगा।
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