Textbook printing for Kerala school reopening completed, says Director of General Education

केरल स्कूल पुनः खुलने के लिए पाठ्यपुस्तक मुद्रण पूरा, सामान्य शिक्षा निदेशक ने बताया

कर्नाटक, अप्रैल 2024। सामान्य शिक्षा निदेशक एन.एस.के. उमेश ने बताया है कि गतिविधि पुस्तकों (Activity Books) का मुद्रण जून के पहले सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। यह कदम राज्य सरकार की ओर से स्कूलों के पुनः खुलने के मद्देनजर शिक्षण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

एन.एस.के. उमेश ने कहा, “हम चाहते हैं कि प्रत्येक छात्र को समय से आवश्यक शैक्षिक सामग्री मिले ताकि वे बिना किसी रुकावट के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। इसी मकसद से कार्यशाला और मुद्रण कार्य को तेज किया गया है।”

उनका यह भी कहना था कि पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण के बाद गतिविधि पुस्तकों का उत्पादन प्रारंभ हुआ और इसमें कोई भी देरी नहीं होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में जून के मध्य तक सभी आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध हो जाएंगी।

केरल सरकार ने कोरोना महामारी के कारण बंद पड़े स्कूलों को फिर से खोलने की योजना को लेकर पहले ही कई तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। इस दौरान कक्षा कक्ष में पढ़ाई के लिए आवश्यक सौंदर्य सामग्री, पुस्तकें और गतिविधि पुस्तकें तैयार कर विभिन्न जिलों में भेजी जा रही हैं।

सामान्य शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण का काम भी अपने अंतिम चरण में है। जिसके साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई में सुधार लाने पर बल दिया जा रहा है।

कक्षा 1 से कक्षा 10 तक के छात्रों के लिए जारी की जा रही गतिविधि पुस्तकों में सरल भाषा और रोचक चित्रों का समावेश है, जिससे बच्चे अपनी रुचि के साथ विषयों को समझ सकें।

अधिकारियों के अनुसार, इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य छात्रों में पढ़ाई के प्रति जागरूकता और समझ बढ़ाना है ताकि वे शिक्षा को अपनी सफलता का मार्ग बना सकें।

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को भी इन पुस्तकों के उपयोग की पूरी जानकारी दी जा रही है, जिससे वे बच्चों की सहायता बेहतर तरीके से कर सकें।

इस योजना से संबंधित और नवीनतम अपडेट नियमित रूप से राज्य शिक्षा वेबसाइट और सरकारी सूचनाओं के माध्यम से जारी किए जाएंगे।

सामान्य शिक्षा निदेशक एन.एस.के. उमेश ने अंत में कहा, “हमारा प्रयास है कि राज्य के हर विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सामग्री पहुंचे और वे आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई कर सकें।”

Source