वरुण बेवरेजेज (VBL) ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट और रेवेन्यू में पिछले साल के मुकाबले अच्छी बढ़त हुई है। साथ ही कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए 50 पैसे प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
पेप्सीको के सबसे बड़े बॉटलर्स में से एक वरुण बेवरेजेज लिमिटेड (VBL) ने आज अपनी पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में आज कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी गई, जिसमें कंपनी का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। गर्मी का सीजन शुरू होने से पहले आए इन नतीजों ने निवेशकों के बीच उत्साह भर दिया है। कंपनी ने न केवल मुनाफे में बढ़त दर्ज की है, बल्कि अपने शेयरधारकों को डिविडेंड का तोहफा भी दिया है।
मुनाफे और रेवेन्यू में शानदार बढ़त
कंपनी द्वारा जारी किए गए कंसोलिडेटेड आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही में ऑपरेशन से रेवेन्यू 67,215.37 मिलियन रुपये (लगभग 6,721.5 करोड़ रुपये) रहा है। अगर इसकी तुलना पिछले साल की इसी तिमाही से करें, तो तब यह आंकड़ा 56,800.26 मिलियन रुपये था। इस तरह रेवेन्यू में अच्छी खासी ग्रोथ देखी गई है। वहीं कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट भी बढ़कर 8,787.13 मिलियन रुपये (लगभग 878.7 करोड़ रुपये) पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी दौरान 7,313.58 मिलियन रुपये था।
वरुण बेवरेजेज ने अपने निवेशकों के लिए 0.50 रुपये (50 पैसे) प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। यह डिविडेंड 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर दिया जाएगा। कंपनी ने इस डिविडेंड के लिए शुक्रवार, 1 मई 2026 को ‘रिकॉर्ड डेट’ तय की है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों के नाम 1 मई को रिकॉर्ड में होंगे, उन्हें ही यह पैसा मिलेगा। इस डिविडेंड का पेमेंट मंगलवार, 5 मई 2026 से शुरू कर दिया जाएगा।
साउथ अफ्रीका में बिजनेस का विस्तार
कंपनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय बिजनेस को बढ़ाने के लिए साउथ अफ्रीका में बड़ा कदम उठाया है। वरुण बेवरेजेज की सब्सिडियरी कंपनी ने वहां की मशहूर बेवरेज कंपनी ‘ट्विजा प्रोप्रायटरी लिमिटेड’ (Twizza) का 100 पर्सेंट अधिग्रहण पूरा कर लिया है। यह डील लगभग 11,398 मिलियन रुपये के एंटरप्राइज वैल्यू पर हुई है। इस अधिग्रहण के बाद ट्विजा अब वरुण बेवरेजेज की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी बन गई है। इसके अलावा कंपनी साउथ अफ्रीका की ही ‘क्रिकली डेयरी’ (Crickley) को भी खरीदने की प्रक्रिया में है, जो सितंबर 2026 तक पूरी हो सकती है।
वरुण बेवरेजेज केवल बिजनेस विस्तार ही नहीं, बल्कि खर्चों को कम करने और पर्यावरण का ध्यान रखने के लिए सौर ऊर्जा (सोलर पावर) पर भी फोकस कर रही है। कंपनी ने हरियाणा और राजस्थान में सोलर पावर प्लांट लगाने वाली कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी है, ताकि अपने ऑपरेशंस के लिए खुद की बिजली का इस्तेमाल कर सके। कंपनी का मानना है कि इन कदमों से आने वाले समय में ऑपरेशनल कॉस्ट कम होगी और बिजनेस को और मजबूती मिलेगी। फिलहाल कंपनी का पूरा ध्यान गर्मी के सीजन के दौरान मांग को पूरा करने और नए मार्केट में अपनी पकड़ बनाने पर है।
